गोण्डा - कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी श्रीमती प्रियंका निरंजन की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के प्रभावी संचालन एवं प्रगति की समीक्षा के लिए जिला स्तरीय अनुश्रवण समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में समिति के पदाधिकारियों एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ योजना के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत चर्चा करते हुए जिलाधिकारी ने आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की गुणवत्तापूर्ण एवं निःशुल्क कोचिंग उपलब्ध कराना है। उन्होंने निर्देश दिए कि जनपद में इस योजना के अंतर्गत नीट, जेईई, यूपीएससी, एसएससी सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए प्राप्त 381 आवेदनों के सभी पात्र छात्र-छात्राओं को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार अनिवार्य रूप से कोचिंग का लाभ उपलब्ध कराया जाए, ताकि कोई भी मेधावी विद्यार्थी इस योजना से वंचित न रहे।
बैठक में जिला समाज कल्याण अधिकारी ने अवगत कराया कि मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के माध्यम से अब तक जनपद के कुल 9 अभ्यर्थियों का विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में चयन हो चुका है। इनमें इसी सत्र में छात्रा ज्योति कनौजिया का इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) में क्लास-टू पद पर चयन उल्लेखनीय उपलब्धि है। साथ ही उन्होंने बताया कि ज्योति कनौजिया उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) की मुख्य परीक्षा भी दे चुकी हैं तथा परिणाम की प्रतीक्षा कर रही हैं।
जिलाधिकारी ने मनकापुर क्षेत्र में मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के अंतर्गत नए कोचिंग सेंटर की स्थापना की प्रक्रिया को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश देते हुए कहा कि विभाग आवश्यक कार्यवाही पूरी कर पत्रावली अग्रिम कार्रवाई के लिए तत्काल प्रस्तुत करे। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थानों के माध्यम से नियमित टेस्ट एवं प्रैक्टिस पेपर की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, जिससे छात्र-छात्राओं की प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी हो सके और उनकी सफलता की संभावना बढ़े।
बैठक में जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. रामचंद्र, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित कुमार सिंह, एमएलके पीजी कॉलेज बलरामपुर के पूर्व प्राचार्य, समिति के पदाधिकारी शेर बहादुर सिंह सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं समिति के सदस्य उपस्थित रहे।
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