जिलाधिकारी ने किया कानूनी अभिभावक प्रमाण पत्र का वितरण
गोण्डा - जनपद में मानसिक एवं बौद्धिक दिव्यांगजनों के अधिकारों की सुरक्षा तथा उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ सहज रूप से उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन द्वारा कानूनी अभिभावक प्रमाण पत्र का वितरण किया गया। इस अवसर पर जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी माधवी पांडेय भी उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय न्यास अधिनियम, 1999 के अंतर्गत रोहित नन्दन तिवारी एवं केदारनाथ पाण्डेय को संबंधित मानसिक दिव्यांगजनों का विधिक अभिभावक नियुक्त करते हुए कानूनी अभिभावक प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की मंशा है कि प्रत्येक पात्र दिव्यांगजन को उसके अधिकारों एवं सरकारी योजनाओं का लाभ समयबद्ध एवं सुगमता से प्राप्त हो। कानूनी अभिभावक की नियुक्ति से ऐसे दिव्यांगजनों के हितों की रक्षा सुनिश्चित होगी तथा उनके आवश्यक कार्यों का संचालन अधिक व्यवस्थित ढंग से किया जा सकेगा।
कानूनी अभिभावक बनने से बैंकिंग, पेंशन एवं सरकारी योजनाओं का मिलेगा लाभ
जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी माधवी पांडेय ने बताया कि राष्ट्रीय न्यास अधिनियम, 1999 के तहत कानूनी अभिभावक नियुक्त किए जाने के बाद मानसिक एवं बौद्धिक दिव्यांगजनों को अनेक महत्वपूर्ण सुविधाओं का लाभ प्राप्त करने में आसानी होती है। अभिभावक उनकी ओर से बैंक खाता खुलवा सकते हैं, पेंशन एवं अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ दिलाने की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं में आवश्यक औपचारिकताएं संपन्न करा सकते हैं। इससे दिव्यांगजनों के अधिकारों की सुरक्षा के साथ-साथ उनके जीवन को अधिक सुरक्षित एवं सम्मानजनक बनाने में सहायता मिलती है।
कार्यक्रम के अंत में अधिकारियों ने पात्र परिवारों से अपील की कि वे राष्ट्रीय न्यास अधिनियम के अंतर्गत उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी प्राप्त कर पात्रता के अनुसार आवेदन करें, ताकि अधिक से अधिक दिव्यांगजन शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकें।
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