Jul 8, 2026

बंद हुआ स्कूल फिर शुरू! केजीएन पब्लिक स्कूल के संचालन पर उठे सवाल, डीएम, डीआईओएस व बीएसए से कार्रवाई की मांग



बिना अनुमति विद्यालय संचालन का आरोप, छात्र-छात्राओं की सुरक्षा व भविष्य पर उठाए सवाल

गोण्डा - छेड़छाड़ और अनियमितता के गंभीर मामले में प्रशासनिक जांच में अनियमितताएं पाए जाने के बाद कौड़िया थाना क्षेत्र के सेहरिया कला स्थित बंद किए गए केजीएन पब्लिक स्कूल को बिना अनुमति दोबारा शुरू कर दिए जाने का मामला सामने आया है। बता दें कि विद्यालय को पूर्व में प्रशासनिक जांच में गंभीर अनियमितताएं पाए जाने के बाद बंद करा दिया गया था, लेकिन शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि अब बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के विद्यालय का संचालन दोबारा शुरू कर दिया गया है। इस मामले को लेकर सोमवार को जिलाधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक तथा जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को शिकायती पत्र देकर तत्काल कार्रवाई की मांग की गई है। शिकायतकर्ता सुजीत कुमार सिंह एवं प्रमोद सिंह, निवासी ग्राम चैनापुर, थाना कौड़िया ने आरोप लगाया है कि सेहरिया कला स्थित केजीएन पब्लिक स्कूल को प्रशासन द्वारा अगले आदेश तक बंद करने के बावजूद 1 जुलाई 2026 से पुनः विद्यालय का संचालन शुरू कर दिया गया है, जबकि इसके लिए किसी सक्षम अधिकारी से अनुमति प्राप्त नहीं की गई है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि इससे पहले विद्यालय के विरुद्ध कई गंभीर शिकायतें सामने आई थीं। इनमें विद्यालय में कथित छेड़छाड़ की घटना, निर्धारित मान्यता के बिना कक्षा 1 से 12 तक संचालन तथा अन्य प्रशासनिक एवं शैक्षणिक अनियमितताओं के आरोप शामिल थे। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए तत्कालीन जांच एसडीएम कर्नलगंज नेहा मिश्रा की अध्यक्षता में कराई गई थी। जांच के दौरान विद्यालय में कई गंभीर कमियां और नियमों का उल्लंघन पाए जाने के बाद प्रशासन ने विद्यालय का संचालन अगले आदेश तक बंद करने के निर्देश दिए थे। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि इस कार्रवाई के बाद विद्यालय बंद भी कर दिया गया था।उन्होंने आरोप लगाया कि विद्यालय प्रबंधन ने बिना किसी वैधानिक आदेश अथवा अनुमति के 1 जुलाई से फिर से बच्चों की पढ़ाई शुरू कर दी है। इसकी जानकारी जिला विद्यालय निरीक्षक और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को भी लिखित रूप से दी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है।  शिकायतकर्ताओं ने जिलाधिकारी से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष एवं तत्काल जांच कराई जाए। यदि विद्यालय वास्तव में बिना अनुमति संचालित पाया जाता है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए, ताकि छात्र-छात्राओं की शिक्षा, सुरक्षा और भविष्य के साथ किसी प्रकार का खिलवाड़ न हो सके।उन्होंने यह भी कहा कि यदि बिना अनुमति विद्यालय संचालन की अनुमति दी जाती है तो इससे शिक्षा व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न खड़ा होगा और नियमों का पालन करने वाले विद्यालयों के साथ भी अन्याय होगा।
अब इस पूरे मामले में प्रशासनिक अधिकारियों की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। यदि शिकायत सही पाई जाती है तो संबंधित विद्यालय प्रबंधन के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। वहीं, प्रशासन की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि विद्यालय का पुनः संचालन वैध अनुमति से हो रहा है या नहीं।

No comments: