गोण्डा - जनपद के थाना कौड़िया बाजार विकासखंड रूपईडीह अंतर्गत ग्राम पंचायत उसरैना में प्रतिबंधित सागौन के हरे-भरे पेड़ों की बड़े पैमाने पर अवैध कटान का मामला सामने आया है। आरोप है कि गांव निवासी बच्चा पाण्डेय के करीब 40 सागौन के पेड़ों को बिना किसी वैध परमिट के काट दिया गया, लेकिन जिम्मेदार विभागों ने इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, यह कटान खुलेआम की गई, बावजूद इसके न तो वन विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की और न ही थाना कौड़िया बाजार पुलिस ने कोई सक्रियता दिखाई। ग्रामीणों का कहना है कि दिन-दहाड़े पेड़ों की कटाई होती रही और जिम्मेदार विभाग मौन बने रहे, जिससे क्षेत्र में नाराजगी व्याप्त है।
बताया जा रहा है कि सागौन जैसे बहुमूल्य और संरक्षित पेड़ों की कटाई के लिए वन विभाग से अनुमति आवश्यक होती है, लेकिन इस मामले में किसी प्रकार की अनुमति नहीं ली गई। इसके बावजूद बड़े पैमाने पर पेड़ों को काटकर ठिकाने लगा दिया गया। इस घटना ने न केवल पर्यावरण संरक्षण पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि वन विभाग और स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि यदि समय रहते कार्रवाई की जाती, तो इतनी बड़ी संख्या में पेड़ों की कटान नहीं हो पाती। स्थानीय लोगों ने उच्च अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और अवैध कटान में शामिल लोगों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वालों पर कब तक कार्रवाई होती है।
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