करनैलगंज/ गोण्डा - कर्नलगंज नगर जिसे छोटी अयोध्या के नाम से भी जाना जाता है जहां के सैकड़ो वर्ष प्राचीन मंदिर और उनका इतिहास इस बात का प्रमाण देते हैं जिसको लेकर करनैलगंज नगर के गाड़ी बाजार स्थित प्रसिद्ध लगभग 146 वर्ष प्राचीन "जालपा मंदिर" जनकपुरी की आज भव्य प्राण प्रतिष्ठा एवं नगर शोभा यात्रा के कार्यक्रम का आयोजन हुआ।
मंदिर का इतिहास - गाड़ी बाजार स्थित अति प्राचीन एवं प्रसिद्ध जालपा मंदिर जिसे जनकपुरी के नाम से जाना जाता है, इसका इतिहास लगभग 146 वर्ष पुराना है। मंदिर का निर्माण वर्ष 1880 ईस्वी में नगर के एक प्रतिष्ठित व्यवसायी ठाकुर जालपादीन पुत्र बाबूराम हैहैयवंशी क्षत्रिय के द्वारा मंदिर की स्थापना की गई, इसी कारण इस मंदिर का नाम जालपा मंदिर पड़ा। इस प्राचीन मंदिर में अष्टधातु की भगवान श्री राम जानकी और लक्ष्मण जी की मूर्तियां विराजमान थी जो इस मंदिर की प्राचीनतम इतिहास का एक बड़ा प्रमाण था।
40 वर्ष पूर्व हुई थी अष्टधातु मूर्ति की चोरी - वर्ष 1880 ईस्वी में स्थापित जालपा मंदिर जनकपुरी जिसमें अष्टधातु की बेश कीमती मूर्तियां विराजमान थी, 40 वर्ष पूर्व इस मंदिर में एक चोरी की घटना हुई जिसमें अष्टधातु की सभी मूर्तियां चोरी हो गई थी। इसके बाद नगर के संभ्रांत लोगों के द्वारा किए गए जबरदस्त विरोध में पुलिस ने मूर्तियां तो बरामद की लेकिन मूर्तियों खंडित होने के कारण और बेशकीमती होने के चलते मूर्तियां पुलिस कस्टडी में रखी रह गई, साथी करोड़ों रुपए की कीमत होने के कारण सुरक्षा के चलते पुलिस ने दोबारा उन्हें मंदिर प्रशासन को नहीं लौटाया, और ना ही मंदिर प्रशासन ने मूर्तियों को वापस लेने की पहल की। जो आज भी मालखाने में बंद पड़ है।
जालपा मंदिर का नाम क्यों पड़ा जनकपुरी - नगर के सबसे प्राचीन मंदिरों में से एक जालपा मंदिर जनकपुरी का महत्व नगर के ऐतिहासिक रामलीला महोत्सव के दौरान और भी ज्यादा बढ़ जाता है, क्योंकि रामलीला महोत्सव की शुरुआत में सर्वप्रथम रामलीला महोत्सव की शोभायात्रा इसी मंदिर पर आशीर्वाद लेने के लिए आती है, और इसी कारण से जालपा मंदिर का नाम जनकपुरी पड़।
हिंदू समाज के द्वारा हुआ जीर्णोद्धार - कर्नलगंज नगर के गाड़ी बाजार स्थित 146 वर्ष प्राचीन "जालपा मंदिर" जनकपुरी जिसका इतिहास सैकड़ो वर्ष पुराना है जिसे हैहैयवंशी क्षत्रिय समाज के द्वारा स्थापित किया गया था। जो वर्तमान में काफी जीर्ण शीर्ण होने के कारण क्षतिग्रस्त स्थिति में थी, जिसको देखते हुए नगर के हिंदू समाज के द्वारा इस मंदिर का पुनः जीणोद्धार कराया गया। इसके बाद आज दिनांक 7 मार्च 2026 को इस मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के बाद एक विशाल शोभायात्रा आयोजित की गई जिसमें सभी वर्ग हिंदू समाज के लोगों की मौजूदगी रही।
मंदिर में भगवान श्री राम जानकी दरबार, राधा कृष्ण एवं शिव परिवार की मूर्तियां विधि विधान के साथ पूजा पाठ करने के पश्चात स्थापित की गई।
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