मां पाटेश्वरी शक्ति संवाद में 17 महिलाओं की सुनवाई, आयुक्त ने दो सप्ताह में निस्तारण के दिए निर्देश*
निष्पक्ष जांच व गिरफ्तारी की मांग, महिला जनसुनवाई में गंभीर मामलों पर आयुक्त का कड़ा रुख
धोखाधड़ी, घरेलू हिंसा और राजस्व विवादों पर फोकस, मां पाटेश्वरी शक्ति संवाद बना न्याय का मंच
मां पाटेश्वरी शक्ति संवाद में 17 महिलाओं की समस्याएं सुनी गईं, आयुक्त ने दो सप्ताह में निस्तारण के दिए निर्देश
गोण्डा - सोमवार को देवीपाटन मंडल मुख्यालय पर मां पाटेश्वरी शक्ति संवाद कार्यक्रम के अंतर्गत विशेष महिला जनसुनवाई का आयोजन किया गया। जनसुनवाई के दौरान आयुक्त देवीपाटन मंडल ने दूर-दराज क्षेत्रों से आई कुल 17 महिलाओं की समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी प्रकरणों का गुणवत्तापूर्ण व निष्पक्ष समाधान अधिकतम दो सप्ताह के भीतर सुनिश्चित कराया जाए। इस अवसर पर अपर आयुक्त भी उपस्थित रहीं।
जनसुनवाई में थाना इटियाथोक क्षेत्र के ग्राम परना बगुलहा निवासी एक महिला ने अपराध संख्या 307/2025 में नामजद अभियुक्तों की शीघ्र गिरफ्तारी और निष्पक्ष विवेचना की मांग की। पीड़िता ने बताया कि गैंगेस्टर एक्ट में सजा पा चुके आरोपियों ने उसके पति पर जानलेवा फायर किया था, जिसमें वह बाल-बाल बच गए। चिकित्सकीय परीक्षण में फायर आर्म इंजरी की पुष्टि के बावजूद विवेचना में लापरवाही बरती जा रही है। साथ ही आरोपियों द्वारा लगातार दी जा रही धमकियों से परिवार की जान-माल की सुरक्षा को गंभीर खतरा बना हुआ है। महिला ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की गुहार लगाई।
इसी क्रम में करनैलगंज थाना क्षेत्र की एक महिला आसमा बानों ने दहेज उत्पीड़न, तीन तलाक और न्यायालय के आदेश के बावजूद गुजारा भत्ता न मिलने की शिकायत दर्ज कराई। पीड़िता ने बताया कि दहेज की मांग पूरी न होने पर पति ने मारपीट कर उसे घर से निकाल दिया तथा बिना तलाक दूसरी शादी कर ली। महिला ने मामले में जांच कर अभियुक्त की गिरफ्तारी की मांग की।
कटरा बाजार थाना क्षेत्र की एक वृद्ध महिला ननकई देवी ने जालसाजी और ठगी का गंभीर मामला उठाया। उन्होंने बताया कि गांव के कुछ लोगों ने आधार व बैंक दस्तावेज लेकर कन्या विवाह सहायता योजना की धनराशि खाते में भिजवाकर धोखाधड़ी से निकाल ली, जिससे उनके विरुद्ध वसूली अधिपत्र जारी हो गया। पीड़िता ने आरोपियों पर एफआईआर दर्ज कराने और वसूली की कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की।
वहीं तरबगंज तहसील क्षेत्र की लालमती ने भूमि विवाद से जुड़े प्रकरण में खड़ी गेहूं की फसल में किलाबंदी कराए जाने का विरोध दर्ज कराया। उन्होंने बताया कि संबंधित आदेश के विरुद्ध अपील न्यायालय में लंबित है, जिसकी सुनवाई 11 फरवरी 2026 को निर्धारित है। इसके बावजूद किलाबंदी की तैयारी की जा रही है। महिला ने अपील निस्तारित होने तक किलाबंदी पर रोक लगाने की मांग की।
जनसुनवाई के दौरान आयुक्त ने सभी प्रार्थना पत्रों का अवलोकन करते हुए संबंधित अधिकारियों से मौके पर ही वार्ता की और प्रत्येक प्रकरण में त्वरित, निष्पक्ष व समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने आश्वस्त किया कि महिलाओं की समस्याओं का समाधान शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
No comments:
Post a Comment