नंद घर आनंद भयो: कोठवल कला में भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ की धूम
बहराइच फखरपुर -सरायअली न्याय पंचायत अंतर्गत चतुर्थ दिवस पर आचार्य रमेश चंद्र शास्त्री ने सुनाई नरसिंह से कृष्ण अवतार तक की कोठवल कला (न्याय पंचायत सरायअली)। चल रहे संगीतमय श्रीमद् भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ के चतुर्थ दिवस कथा व्यास आचार्य रमेश चंद्र शास्त्री महाराज ने भगवान नरसिंह अवतार से श्रीकृष्ण अवतार तक की रोचक कथाएं सुनाईं।आचार्य जी ने बताया कि हिरण्यकशिपु के अत्याचारों से संपूर्ण भूमंडल दुखी था। वह स्वयं नारायण बनना चाहता था, लेकिन उसके पुत्र प्रह्लाद प्रभु के परम भक्त थे। प्रह्लाद का रात-दिन भजन-कीर्तन पिता को नागवार गुजरता था। पिता ने कई प्रयास कर पुत्र को मारने की कोशिश की। अंततः प्रह्लाद को खंभे से बांधकर तलवार से मारने दौड़े, तभी खंभे से भगवान नरसिंह का अवतार हुआ और हिरण्यकशिपु का वध कर दिया। आचार्य जी बोले, "भगवान हमेशा भक्तों की रक्षा के लिए उपस्थित रहते हैं।"उन्होंने गणिका अजामिल, गिद्ध कुबड़ी, रूपवती सुदामा, ध्रुव, केवट, कागभुसुंडी, निषाद, शबरी आदि के चरित्रों का जिक्र कर भक्तों को प्रेरित किया। मुख्य यजमान सापत्नी देवनाथ सिंह ने पूजा-आरती के बाद कथा श्रवण किया। भजन गायक रोहित मिश्रा व संतोष यादव ने मधुर भजनों से उपस्थितजनों को मंत्रमुग्ध कर दिया।कार्यक्रम में सूबेदार सिंह, रामउग्र सिंह, नंगू सिंह, किशन सिंह, अनूप सिंह, मुन्ना सिंह, अजीत कुमार सिंह, रवि सिंह आदि बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

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