बहराइच- गोस्वामी तुलसीदास के ननिहाल दहौरा में माघी पूर्णिमा की पूर्व संध्या पर आयोजित कवि सम्मेलन एवं सम्मान समारोह में सनातन धर्म परिषद के संस्थापक डॉ0 स्वामी भगवदाचार्य ने डॉ0 अशोक गुलशन को श्री हुलसी सम्मान से सम्मानित किया।
बलरामपुर के पिपरा एकडंगा गाँव में पं0 बृज बहादुर पाण्डेय एवं शारदा देवी के द्वितीय पुत्र के रूप में 25 जून 1963 को जन्मे और अल्लीपुर बुजुर्ग तथा कटरा के प्राथमिक विद्यालय में कक्षा तीन तक शिक्षा ग्रहण करने के पश्चात डॉ0 गुलशन ने श्री गाँधी विद्या मंदिर गोण्डा से इंटरमीडिएट तथा इलाहाबाद विश्वविद्यालय एवं लखनऊ विश्वविद्यालय से शिक्षा ग्रहण कर आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारी के रूप में नियुक्त होकर 35 वर्ष तक शासकीय सेवा के उपरान्त बहराइच और श्रावस्ती के क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त होकर चिकित्सा, साहित्य तथा समाज सेवा में निरन्तर संलग्नरत हैं।
हिन्दी गद्य एवं पद्य की प्रायः समस्त विधाओं में यह वर्ष 1978 से साहित्य सेवा कर रहे हैं तथा साहित्य सेवा हेतु उन्हें अब तक 42 देशों की संस्थाओं से 833 तथा चिकित्सा एवं समाजसेवा हेतु 1852 सम्मान, पुरस्कार, उपाधियाँ, अभिनन्दन, अलंकरण प्रशंसा-प्रमाण पत्र प्रदान किए जा चुके हैं। कहानी, पटकथा और काव्य विधा की 26 प्रकाशित पुस्तकों के रचयिता डॉ0 गुलशन द्वारा सबसे लम्बी ग़ज़ल, सबसे बड़ी ग़ज़ल, सबसे छोटी ग़ज़ल. अद्वितीय ग़ज़ल, बड़ा/लम्बा/अद्वितीय गीत, एक वर्ष में सर्वाधिक सम्मान प्राप्तकर्ता, साहित्य में सर्वाधिक सम्मान प्राप्तकर्ता, दोहा ग़ज़ल, मुहावरा ग़ज़ल, विभिन्न क्षेत्रों में सबसे कम उम्र के सर्वाधिक ऑनरेरी डॉक्टरेट प्राप्तकर्ता तथा 655 नाम के 12634 हिन्दी अख़बारों के संग्रहकर्ता कुल 11 प्रकार के 56 विश्व/अंतर्राष्ट्रीय/राष्ट्रीय रिकार्ड बनाए जा चुके हैं जिसे लिम्का बुक, वर्ल्ड बुक आदि में सम्मिलित किया गया है। इनके अतिरिक्त 6 देशों सहित भारत के 22 राज्यों तथा उ०प्र० के 56 जनपदों से 1216 नामों से प्रकाशित पत्र/पत्रिकाओं/संकलनों में इनकी लगभग तीन हजार रचनायें प्रकाशित हो चुकी हैं| इनकी पुस्तकें राजकीय पुस्तकालयों में आपूर्ति की गयी हैं तथा इनके द्वारा रचित रचनाओं को पद्मश्री डॉ0 सोमा घोष सहित कई गायक/गायिकाओं ने स्वर दिया है|
11 संकलनों के संपादक डॉ0 गुलशन की रचनाधर्मिता पर ‘’डॉ0 अशोक ‘’गुलशन’’ का हिन्दी साहित्य में योगदान’’ शीर्षक से लखनऊ विश्वविद्यालय द्वारा एम0फिल0 हुई है तथा बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के पीएच0 डी0 के शोध ग्रन्थ में उनकी छोटी बहर की ग़ज़ल सम्मिलित की गई है। एन0सी0सी0, स्काउट, रोवर रेंजर फोर्स तथा एन0एस0एस0 में सक्रिय रूप से प्रतिभागी रहे डॉ0 गुलशन की रचनाओं का प्रसारण शायरी फॉर यू-एस०एम०एस० गपशप, आकाशवाणी लखनऊ, दूरदर्शन उत्तर प्रदेश, जनसंदेश टीवी, पूर्वापोस्ट टीवी तथा नेपालगंज के विभिन्न एफ0एम0 चैनल्स पर हुआ है| मित्रों, प्रशंसकों व शुभचिंतकों से प्राप्त 4500 पत्रों के संग्रहकर्ता, शताधिक पुस्तकों के समीक्षक, 800 से अधिक मंचों पर प्रतिभाग करने वाले तथा इंडोनेशिया, थाईलैंड, भूटान तथा काठमांडू के विश्व हिन्दी उत्सव एवं साहित्यिक समारोहों में प्रतिभाग कर चुके डॉ0 गुलशन को साहित्य के क्षेत्र में 42 देशों की संस्थाओं से सम्मानित किया जा चुका है जिनमें 19 देशों से ऑनरेरी डॉक्टरेट, डॉक्टर ऑफ फिलासफी, डॉक्टर ऑफ डिविनिटी, डॉक्टर ऑनोरिस कौसा, पीएच0डी0 सहित 28 ऑनरेरी डॉक्टरेट एवं 5 डी0लिट0, 5 देशों से 9 अंतरराष्ट्रीय सम्मान जिसमें नाइजीरिया से इंटरनेशनल डायमंड अवॉर्ड, मेक्सिको कैलिफ़ोर्निया और यू0एस0ए0 से प्रीमियो इंटरनेशनल डी लिटेराटुरा, महाराष्ट्र से महात्मा गाँधी इंटरनेशनल नोबेल पीस अवॉर्ड तथा डॉ0 ए0पी0जे0 अब्दुल कलाम इंटरनेशनल अवॉर्ड, दिल्ली से इंटरनेशनल गोल्डेन अवॉर्ड, मध्य प्रदेश से इंटरनेशनल अचीवर्स अवार्ड तथा राजस्थान से इंटरनेशनल गोल्ड स्टार एक्सीलेंस अवार्ड, इंटरनेशनल स्टार एक्सीलेंस अवार्ड और नोबेल इंटरनेशनल अवॉर्ड तथा 8 राज्यों से 13 राष्ट्रीय सम्मान जिसमें बिहार से राष्ट्रीय हिन्दी साधक साहित्य सम्मान, दिल्ली से सुर साधना राष्ट्रीय सम्मान तथा राष्ट्रीय हिन्दी सेवी सहस्त्राब्दी सम्मान, छत्तीसगढ़ से राष्ट्रीय हिन्दी साहित्य सेवी सम्मानोपाधि, मध्यप्रदेश से डॉ0 अम्बेडकर भारत भारती रत्न अलंकार तथा काव्य विभूति राष्ट्रीय सम्मानोपाधि, हिमाचल प्रदेश से राष्ट्रीय काव्यकृति सम्मान, पंजाब से राष्ट्रीय साहित्य रत्न सम्मान, राजस्थान से काव्य कौस्तुभ राष्ट्रीय सम्मानोपाधि तथा एस एस आई एफ राष्ट्रीय हिन्दी गौरव सम्मान, महाराष्ट्र से डॉ0 तारा सिंह विशिष्ट राष्ट्रीय सम्मान के अतिरिक्त राष्ट्रीय रत्न अवार्ड, राष्ट्रीय सम्मान अवार्ड प्रदान किए गए हैं| इनके अतिरिक्त 12 देशों से 30 डिप्लोमा, इंडोनेशिया से बैचलर ऑफ साइंस, मास्टर ऑफ साइंस, यमन से डिग्री ऑफ कल्चरल डिप्लोमेसी, 13 देशों से 113 उपाधियाँ, 418 सम्मान, पुरस्कार तथा 215 प्रशंसा प्रमाण पत्र प्रदान किए गए हैं। इंडोनेशिया में एक लाख की सम्मान राशि प्रदान कर दुष्यन्त कुमार ग़ज़ल सम्मान तथा उ०प्र० सरकार द्वारा 51 हजार रूपये सम्मान राशि प्रदान कर अमृत लाल नागर पुरस्कार तथा एक लाख रूपये सम्मान राशि प्रदान कर डॉ0 हरिवंश राय बच्चन पुरस्कार से सम्मानित किया गया है|
1 comment:
हार्दिक धन्यवाद एवं आभार आपका
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