Jan 19, 2026

जनपद में चिन्हित दुर्घटना संभावित स्थलों (ब्लैक स्पॉट्स) को सुरक्षित बनाए जाने के उद्देश्य से संबंधित विभागों द्वारा संयुक्त निरीक्षण



ब्लैक स्पॉट्स का एआरटीओ, जेई एनएच गोण्डा-अयोध्या प्रखण्ड, सीओ यातायात गोण्डा एवं टीआई गोण्डा की संयुक्त टीम द्वारा किया गया स्थलीय निरीक्षण


गोण्डा - सड़क सुरक्षा कार्यक्रम की बैठक के दौरान जिलाधिकारी गोण्डा श्रीमती प्रियंका निरंजन के द्वारा दिए गए निर्देश के क्रम में जनपद में चिन्हित दुर्घटना संभावित स्थलों (ब्लैक स्पॉट्स) को सुरक्षित बनाए जाने के उद्देश्य से संबंधित विभागों द्वारा संयुक्त निरीक्षण किया गया। इस क्रम में कटी तिराहा, कोल्ड स्टोर तिराहा, चन्दापुर, टिकारी मोड, कस्बा वजीरगंज के तीन ब्लैक स्पॉट, झिलाही मोड कस्बा वजीरगंज, डुमरियाडीह, बलेश्वरगंज तथा दर्जीकुआं स्थित ब्लैक स्पॉट्स का एआरटीओ, जेई एनएच गोण्डा-अयोध्या प्रखण्ड, सीओ यातायात गोण्डा एवं टीआई गोण्डा की संयुक्त टीम द्वारा स्थलीय निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान टीम द्वारा प्रत्येक ब्लैक स्पॉट पर सड़क की भौतिक स्थिति, यातायात दबाव, दुर्घटनाओं के कारण, सड़क संकेतकों की उपलब्धता, दृश्यता, मोड़ों की स्थिति, अतिक्रमण, प्रकाश व्यवस्था तथा पैदल यात्रियों की सुरक्षा से संबंधित बिंदुओं का गहनता से अध्ययन किया गया। टीम ने पाया कि कई स्थानों पर स्पष्ट साइन बोर्डों का अभाव, सड़क चिह्नों का मिट जाना, अपर्याप्त स्ट्रीट लाइट, अव्यवस्थित कट/तिराहे तथा अनियंत्रित गति दुर्घटनाओं के प्रमुख कारण हैं।
संयुक्त निरीक्षण के उपरांत ब्लैक स्पॉट्स के सुदृढ़ीकरण हेतु आवश्यक सुझाव तैयार किए गए। इनमें प्रमुख रूप से चेतावनी एवं दिशा सूचक साइन बोर्डों की स्थापना, स्पीड ब्रेकर/रंबल स्ट्रिप्स का निर्माण, रोड मार्किंग एवं जेब्रा क्रॉसिंग का सुधार, स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था, अनावश्यक कटों को बंद करना, आवश्यक स्थानों पर डिवाइडर/क्रैश बैरियर लगाना तथा अतिक्रमण हटाने के सुझाव शामिल हैं। इसके अतिरिक्त यातायात पुलिस द्वारा नियमित निगरानी, गति नियंत्रण तथा जनजागरूकता अभियान चलाने पर भी बल दिया गया। 

उन्होंने बताया कि रोड पर रंबल स्ट्रिप, रिपीटेड बार, रोड स्टड, सोलर डिलीनिएटर, कैट्स आई, ज़ेबरा बार आदि लिंक रोड पर स्पीड ब्रेकर, स्पीड टेबल आदि लगवाए जाएं।

अधिकारियों ने संबंधित कार्यदायी संस्थाओं को निर्देशित किया कि प्रस्तावित सुधारात्मक कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण कराया जाए, ताकि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके और आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित हो। यह भी निर्देश दिए गए कि भविष्य में इन स्थलों की निरंतर मॉनिटरिंग की जाए तथा आवश्यकता अनुसार अतिरिक्त सुधारात्मक कदम उठाए जाएं।
प्रशासन का उद्देश्य सड़क सुरक्षा कार्यक्रम के माध्यम से दुर्घटनाओं में कमी लाकर सुरक्षित एवं सुगम यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करना है। इस दिशा में सभी संबंधित विभागों के समन्वय से प्रभावी कार्रवाई की जा रही है।

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