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Jan 18, 2023

महज दस फीट जमीन के लिए चाचा ने छह वर्ष के भतीजे का चापड़ से गला रेता, पुलिस ने किया गिरफ्तार।

प्रयागराज में छः साल के मासूम का शव सोमवार को कब्रिस्तान की झाड़ियों में मिला था। मासूम की गला काटकर हत्या की गई थी। पुलिस ने इस घटनाक्रम मंगलवार को पर्दाफाश कर दिया। अबोध बालक के चाचा ने ही उसकी हत्या की थी। बंटवारे में महज एक भूखंड में से दस फीट हिस्सा अधिक ले लेने से आरोपी अपने बड़े भाई से आक्रोशित था। इसी वजह से उसने भाई के बेटे को मार दिया। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है। बालक को जिस चापड़ से मौत के घाट उतारा था  पुलिस ने उसे भी आरोपी के निशानदेही पर बरामद कर लिया है।

यह हत्याकांड प्रयागराज के मऊआइमा थाना के नई बस्ती बैरहना खानपुर गांव में हुआ है। मृतक बालक सोमवार को सुबह दस बजे घर से खेलने के लिए निकला था। दोपहर साढ़े बारह बजे के करीब परिवार के लोगों को उसका शव घर से आधा किलोमीटर की दूरी पर पड़ मिल गया था। बच्चे का गला आधा कटा हुआ था। हत्यारोपी चाचा हासिम ने पुलिस को बताया, "मेरे बड़े भाई मोहम्मद कासिम ने घर का ज्यादा हिस्सा ले लिया था। जब मैंने इस बात का विरोध किया, तो वो मुझसे लड़ने लगा था। उसने कहा था कि सब एक ही घर में रह रहे हैं। ऐसे में अगर किसी के हिस्से में ज्यादा जमीन आ गई, तो क्या फर्क पड़ेगा। किसी को पता नहीं चलेगा, लेकिन मैं इस बात पर तैयार नहीं था । "

 "मेरे दिमाग से ये बात नहीं निकल रही थी। तभी मैंने सोचा कि भाई ये सब अपने बेटे के लिए कर रहा है। अगर बेटा नहीं रहेगा तो ये सब मुझे मिल जाएगा। तभी मैंने अपने भतीजे को जान से मारने की योजना बनाई। मैं नाजिम को मदरसे के पास मारने वाला था। लेकिन, सोमवार को वो पढ़ने नहीं गया।" आरोपी ने बताया, "सोमवार को जब बच्चा सुबह उठा तो उसकी मां ने उसको तैयार किया। मैं भी वहीं पर बैठा हुआ था। कुछ देर बाद खाना खाकर बाहर खेलने निकल गया। हमको पता था कि घर में चापड़ रखा हुआ था। मैं भी जल्दी से चापड़ शाल में छिपाकर उसके पीछे निकल गया।"

उसने बताया, "वहां थोड़ी दूरी पर मैंने नाजिम को अमरूद देने का लालच दिया। अमरूद खिलाने के बहाने में उसको घर के पीछे कब्रिस्तान में ले गया। उसके बाद उसको अमरूद दे दिया। जब नाजिम अमरूद खाने लगा तो पीछे से उसका मुंह दबाकर उसकी गर्दन काट दी। वो वहीं पर गिर गया और तड़पने लगा। जब मुझे लगा कि वो मर गया तो मैंने उसकी बॉडी झाड़ियों में छिपा दी। फिर मैं वहां से भाग गया। नाजिम को मारते समय मेरी पैंट में उसका खून लग गया था। उसको मैंने उतार कर खेत में फेंक दिया था। चापड़ को घर में बालू के ढेर में छुपा दिया था। अगर मैं पैंट वहां नहीं फेंकता तो पकड़ा नहीं जाता।"

नाजिम को मंगलवार सुबह कब्रिस्तान में दफनाया गया। नाजिम के  पीड़ित पिता मोहम्मद कासिम के आंसू नहीं रुक रहे थे। वह बार-बार कह रहा था, काश तू मदरसे में पढ़ने चला जाता तो आज जिंदा होता। तेरे बिना मैं कैसे रहूंगा। नाजिम के पिता मोहम्मद कासिम पावरलूम चलाते हैं। उसकी पत्नी रूबीना बानो भी उसके काम में सहयोग करती है। मियां-बीवी मिलकर कालीन की बुनाई का काम करते हैं। उनके दो बच्चे हैं। बड़ी संतान बेटा मोहम्मद नाजिम 6 साल का था और छोटी बेटी आलिया 3 साल की है। नाजिम पास के मदरसे में दूसरी कक्षा का छात्र था।

गंगापार के पुलिस उपायुक्त अभिषेक अग्रवाल ने बताया, पिता ने मामले में केस दर्ज करवाया था। हम लोगों ने आरोपी चाचा हासिम को हिरासत में लिया है। उसने जमीन के विवाद में नाजिम को मारने की बात कही है। हालांकि आस पास के लोगों को उसकी बातों पर विश्वास नहीं हो रहा है। हम लोग इस मामले में अभी जांच जारी रखेंगे। हत्या से पहले बच्चा जो अमरूद खा रहा था हम लोगों ने वो भी हमने बरामद कर लिया है 

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