छोटे बड़े सभी पत्रकार और मीडिया समूहों में पत्रकार का विकास मॉडल चर्चे में
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न्यूज चैनल,अख़बार,डिजिटल,पोर्टल सोशल मीडिया सभी में जनता अदालत मॉडल जनता की पहली पसंद)
बहराइच -: प्रदेश भर में निकाय चुनाव को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों की बैठकों का दौर जारी है। हर राजनीतिक दल नगर की सरकार में अपनी भूमिका महत्वपूर्ण करने के लिये जमीनी हकीकत की पड़ताल करने में जुटा हुआ है। विगत दो दशक से राष्ट्रीय राजनीति से जुड़ा ये जिला सत्ता के करीब रहने के बावजूद भी नगर पालिका परिषद बहराइच में स्थापित नहीं हो सका।
बीस वर्षो से लगातार फेल हुये कई बड़े खिलाड़ी
विगत दो दशकीय इतिहास गवाह हैं कई बड़े चुनावी खिलाड़ी पालिका के शतरंज में हार कर हल्के हो गये। निर्दल और अन्य लोगों ने अपने अपने समीकरण से शहर की सरकार में धुआँधार पारी खेली। पिछले दो अंतराल से हाजी रेहान का सिक्का बुलंद रहा और वो शहर के ताज़ से सुशोभित रहे। राजनीतिक समीक्षक और शहर के चुनावी कहानीकार बतातें है अल्पसंख्यक बाहुल इलाके में जीत उसी के पक्ष में जायेगी जिसका जनाधार हर वर्ग में होगा।शायद यही कारण रहा है किसी वर्ग का कट्टर समर्थक होने से कई बार लोग हार का सामना करते रहे।
पत्रकार के चुनावी मैदान में कूदने से बदला समीकरण
इस बार के निकाय चुनाव में शहर के पत्रकारों ने भी बराबर की ताल ठोकी है। एक तरफ निर्दल प्रत्याशी पत्रकार सलीम सिद्धिकी हैं जो पत्रकारिता और ठेकेदारी का लम्बा कैरियर लेकर चुनावी रणनीति बनाने में जुटे हैं तो दूसरी तरफ तमाम न्यूज चैनल और अखबारों में पत्रकारिता कर सामाजिक कार्यों में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेने वाले पत्रकार अजय शर्मा भी पूर्व में इस्पात मंत्रालय की हिंदी सलाहकार समिति के सदस्य भी रहे है अब वो भी चुनावी मैदान में उतर चुके हैं हलाकि पत्रकार अजय शर्मा बीजेपी से टिकट मांग रहे हैं। पत्रकार अजय शर्मा का जनता अदालत मॉडल हर ओर चर्चे में है जनता भी अजय शर्मा के वादों और दावों पर समर्थन दे रही है।
मीडिया समूहों के बीच चर्चे में अजय शर्मा का हर मॉडल
शहर के सभी 34 वार्डो में क्या क्या किया जाना हैं और कैसे बेहतर प्लानिंग होनी हैं कैसे नउवागढ़ही को विकास नगर बनाना हैं कैसे बक्शीपुरा में सुधार करना हैं कैसे डूबते शहर को आदर्श नगर बनाना हैं ये तमाम कार्ययोजना तैयार कर रहे हैं युवा सोच के पत्रकार अजय शर्मा। यदि अजय शर्मा पालिका अध्यक्ष बनते हैं तो बोर्ड की प्रथम बैठक के बाद ही नई इबारत और शहर में बदलाव की शुरुवात स्वतः दिखाई देगी कुछ इसी तरह कह रहे हैं बीजेपी से दावेदारी करने वाले पत्रकार अजय शर्मा। हलाकी अन्य कई प्रत्याशी अलग अलग पार्टी से ताल ठोक रहे है लेकिन पत्रकारों की चुनावी फाईट हुई तो मामला बड़ा रोमांचकारी होगा।
व्हाटसएप,ट्वीटर,फेसबुक,अख़बार और न्यूज चैनलों में भी चर्चे में जनता अदालत मॉडल
सभी अपने अपने वादों और इरादों पर चुनावी फाईट कर रहे है लेकिन पत्रकार अजय शर्मा का चुनावी मॉडल सुर्खियों में है शहर की लाखों आवाम इसे जन सुविधाओं का अपना मॉडल आसानी से समझ रही है देखना है आखिर चुनावी आंदोलन में अजय शर्मा की बात किस स्तर तक पहुँचती है और जनता के हक और हुकूक की आवाज कैसे बुलंद होती है।

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