प्रयागराज में एक वकील की सिर कटी लाश मिली। सिर धड़ से कुछ दूरी पर पड़ा हुआ था। लाश देखकर पुलिस का अनुमान है कि हत्या तकरीबन तीन दिन पहले हुई थी। घटनास्थल से मिले आधार कार्ड से वकील की शिनाख्त हो सकी है। परिवार से संपर्क किया गया है। लाश को पोस्टमॉर्टम के बाद परिवार के हवाले किया जाएगा। मामला करछना का है। पुलिस ने लाश के कपड़ों की तलाशी ली। इसमें कुछ दस्तावेज और एक पर्स मिला है। पर्स में कुछ रुपए भी थे। इससे साफ है कि वकील की हत्या लूट के इरादे से नहीं हुई है।
करछना के नंदन तालाब अरैल नैनी के पास आशीष दीक्षित रहता था। उसके पिता संतोष दीक्षित मीडिया में काम करते हैं। आशीष के 3 भाई हैं। उसके सबसे छोटे भाई अमित दीक्षित ने बताया कि आशीष की शादी 8 साल पहले प्रयागराज में माधुरी से हुई थी। आशीष के दो बेटियां आसी और हनी हैं। करीब 8 महीने पहले संदिग्ध हालात में बेटी आसी की मौत हो गई थी।
पुलिस को आशंका है कि अचानक आशीष गायब होता है। परिवार के लोग बहुत ज्यादा उसको ढूंढने का प्रयास नहीं करते हैं। इससे साफ है कि उन्हें आशीष के बारे में कुछ न कुछ ऐसा पता था कि जिससे वे लोग उसको सुरक्षित मान रहे थे। यह भी हो सकता है कि आशीष परिवार के संपर्क में रहा हो।
अब जबकि आशीष की लाश करछना में मिली है। ऐसे में अनुमान है कि वह यहां किसी परिचित के साथ आया होगा। या किसी परिचित से यहां मिलने पहुंचा हो। क्योंकि हत्या इसी स्पॉट पर हुई है। उसको मारकर यहां नहीं फेंका गया। ऐसे में पुलिस हत्याकांड के खुलासे के लिए सबसे पहले आशीष के परिचितों से तैयारी कर रही है।
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