Nov 1, 2026

बालरामलीला उत्सव में नारद मोह और मनु-सतरूपा की लीला का मंचन



नारद के अहंकार और भगवान विष्णु की लीला का कलाकारों ने किया जीवंत मंचन

करनैलगंज/गोण्डा  - तहसील क्षेत्र के सकरौरा ग्रामीण के मजरा छतईपुरवा स्थित ब्रह्मचारी बाबा स्थान पर आयोजित श्री बालरामलीला उत्सव में शनिवार की रात स्थानीय और बाहरी कलाकारों ने नारद मोह की लीला का भावपूर्ण मंचन किया। कार्यक्रम का शुभारंभ गणपति वंदना के साथ हुआ।
लीला में दिखाया गया कि हिमालय की तलहटी में रमणीक स्थान देखकर नारद मुनि समाधि में लीन हो गए। उनकी तपस्या भंग करने के लिए इंद्र ने कामदेव और अप्सराओं को भेजा, लेकिन वे सफल नहीं हुए। इस पर नारद को अपनी तपस्या और कामदेव पर विजय का अहंकार हो गया। भक्त को अहंकार से बचाने के लिए भगवान विष्णु ने माया की नगरी और स्वयंवर की रचना की। नारद ने विवाह की इच्छा से भगवान से हरि स्वरूप मांगा, लेकिन भगवान ने उन्हें वानर का रूप दे दिया। स्वयंवर में उपहास होने पर नारद ने भगवान विष्णु को पत्नी वियोग का श्राप दे दिया। नारद की भूमिका रितेश पाण्डेय, कामदेव की कमलकांत शुक्ल और भगवान शंकर की भूमिका अविनाश पाण्डेय ने निभाई। कलाकारों के अभिनय को दर्शकों ने खूब सराहा। इस मौके पर गुरुदयाल पाण्डेय, सुनील पाण्डेय बब्बलू पाण्डेय, रवि पाण्डेय अंकुर, सोनू पाण्डेय, लालबाबू पाण्डेय, सर्वेश पाण्डेय, रमेश पाण्डेय, डॉ. महेश पाण्डेय, राजू पाण्डेय, मनीष भट्ट, मुकेश पाण्डेय, हरिकेश पाण्डेय, अंकित पाण्डेय, गुलशन पाण्डेय, बब्लू पाण्डेय और संतोष विश्वकर्मा सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

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