गोण्डा - सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र करनैलगंज, गोण्डा में डॉक्टर, नर्स, फार्मासिस्ट समेत कितने पद स्वीकृत हैं, इस सवाल पर स्वास्थ्य विभाग की चुप्पी अब भारी पड़ने वाली है। उत्तर प्रदेश सूचना आयोग ने आरटीआई में सूचना न देने पर जनसूचना अधिकारी (पीआईओ) को अंतिम नोटिस थमाते हुए 29 जुलाई 2026 को स्वयं उपस्थित होने का आदेश दिया है। आयोग ने साफ चेतावनी दी है कि अगली सुनवाई में हाजिर न होने या सूचना न देने पर ₹250 प्रतिदिन के हिसाब से अधिकतम ₹25,000 तक का जुर्माना ठोंका जाएगा।
क्या है मामला?
अपीलकर्ता हर्ष मिश्रा ने जनसूचना अधिकार अधिनियम 2005 की धारा-6(1) के तहत सीएचसी करनैलगंज में स्वीकृत कुल पदों (डॉक्टर, नर्स, फार्मासिस्ट, लैब टेक्निशियन, वार्ड बॉय, सफाई कर्मी आदि) की जानकारी मांगी थी। निदेशक, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य उ.प्र. लखनऊ कार्यालय के जनसूचना अधिकारी ने न तो सूचना उपलब्ध कराई और न ही आयोग द्वारा भेजे गए नोटिसों के बावजूद सुनवाई में उपस्थित हुए।
आयोग ने लगाई फटकार
राज्य सूचना आयुक्त पदुम नारायण द्विवेदी ने 19.05.2026 को पारित आदेश में कहा है कि प्रतिवादी पक्ष द्वारा जानबूझकर सूचना न देना व आयोग के आदेशों का अनुपालन न करना गंभीर लापरवाही है। आयोग ने न्यायहित में अंतिम अवसर देते हुए पीआईओ को निर्देशित किया कि वह अगली तारीख 29.07.2026 को आयोग के समक्ष उपस्थित होकर अपना पक्ष रखें।
महानिदेशक को भी निर्देश-
आयोग ने महानिदेशक, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य उ.प्र. लखनऊ को भी आदेश दिया है कि वे संबंधित पीआईओ को आज के आदेश का अनुपालन सुनिश्चित कराएं। साथ ही अनुपालन रिपोर्ट अगली सुनवाई से पहले आयोग में प्रस्तुत करें, ताकि प्रकरण में अग्रिम आदेश पारित किया जा सके।
क्यों जरूरी है यह जानकारी?
सीएचसी करनैलगंज में डॉक्टरों व स्टाफ की कमी से मरीजों को इलाज में परेशानी की शिकायतें लगातार मिल रही हैं। स्वीकृत पदों की जानकारी सामने आने से स्पष्ट होगा कि अस्पताल में कितने पद रिक्त हैं और कहां लापरवाही हो रही है।
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