Jun 24, 2026

मतदेय स्थलों का भौतिक सत्यापन शुरू, 31 जुलाई तक पूरी होगी सम्भाजन प्रक्रिया



 1200 मतदाताओं के मानक पर होगा मतदेय स्थलों का सम्भाजन, निर्वाचन आयोग ने जारी की समय-सारणी

गोण्डा - आगामी निर्वाचक नामावलियों के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण से पूर्व मतदेय स्थलों के सम्भाजन (Rationalization) की प्रक्रिया प्रारम्भ कर दी गई है। इस संबंध में अपर जिलाधिकारी/उप जिला निर्वाचन अधिकारी, गोण्डा द्वारा जनपद के समस्त निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों एवं सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुसार गत वर्षों की भांति इस वर्ष भी मतदेय स्थलों का सम्भाजन 1200 मतदाताओं के मानक के आधार पर किया जाएगा। निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 24 जून से 28 जून 2026 तक मतदेय स्थलों का भौतिक सत्यापन, पुनर्निधारण तथा नए मतदेय स्थलों हेतु भवनों का चिन्हांकन किया जाएगा। इसके उपरांत 29 जून से एक जुलाई तक मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर मतदेय स्थलों के प्रस्ताव तैयार किए जाएंगे।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 4 जुलाई को मतदेय स्थलों की आलेख्य सूची प्रकाशित की जाएगी तथा 4 जुलाई को उक्त सूची मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को उपलब्ध कराई जाएगी। सांसदों, विधायकों एवं राजनीतिक दलों से प्राप्त सुझावों एवं आपत्तियों के निस्तारण के उपरांत 18 जुलाई तक सूची को अंतिम रूप दिया जाएगा। इसके बाद 25 से 28 जुलाई तक जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा प्रस्ताव मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय को भेजे जाएंगे तथा 31 जुलाई तक आयोग के अनुमोदन की प्रक्रिया पूर्ण की जाएगी।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी द्वारा जारी निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि मतदेय स्थलों का सम्भाजन शत-प्रतिशत भौतिक सत्यापन के आधार पर किया जाए। सत्यापन के दौरान यह सुनिश्चित किया जाएगा कि संबंधित मतदेय स्थल भवन के आसपास ही उससे संबद्ध निर्वाचक नामावली के मतदाता निवास करते हों तथा भवन मतदान हेतु सभी आवश्यक मानकों को पूरा करता हो। यह कार्य जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा प्राधिकृत जनपद स्तरीय अधिकारियों की टीम के माध्यम से कराया जाएगा, जबकि संपूर्ण प्रक्रिया की जिम्मेदारी जिला निर्वाचन अधिकारी की होगी।

उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों एवं मानकों का पूर्ण अनुपालन भी सुनिश्चित किया जाए।

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