करनैलगंज /गोण्डा - साहित्यिक संस्था 'बज़्मे शामे ग़ज़ल ' की तरही नशिस्त (काव्य-गोष्ठी) मो० बालूगंज में शाकिर अली (कल्लू कारपेन्टर) के मकान पर आयोजित हुई । अब्दुल गफ्फार ठेकेदार की अध्यक्षता व गणेश तिवारी 'नेश' के संरक्षण में गोष्ठी का संचालन याकूब सिद्दीक़ी 'अज़्म' ने किया । शोक प्रस्ताव के तहत जनपद के वरिष्ठ साहित्यकार व पूर्व प्राचार्य डा० नारायण तिवारी और स्थानीय गल्ला व्यवसायी सुधीर शुक्ल के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया गया । सगीर अहमद सिद्दीक़ी की तरही नात से कार्यक्रम का आगाज़ हुआ । शाए़रों ने मिसरा तरह " खुश्क शाख़ों पे फूल आने लगे " पर ग़ज़लें पेश कीं ।
महामन्त्री मुजीब सिद्दीक़ी ने ज़ोर देकर कहा -
आप दिल के क़रीब हैं मेरे - ग़म नहीं कुछ जो दूर जाने लगे ।
डा० असलम हाशमी ने दर्द बयान किया -
दाने-दाने को हो गया मुहताज - जब से बच्चे मेरे कमाने लगे ।
नियाज़ अहमद 'क़मर' ने कहा -
जब सितम पर सितम वो ढाने लगे - हम भी कुछ और मुस्कुराने लगे ।
मुबीन मंसूरी ने तज़मीन (समस्यापूर्ति) यूं की -
देख लो तुम अगर मुहब्बत से - "खुश्क शाख़ों पे फूल आने लगे" ।
नजमी कमाल गोण्डवी ने यह मार्मिक शेर पढ़ा -
मां की अज़मत समझ में तब आई - कब्र में जब उसे लिटाने लगे ।
कौसर सलमानी ने बताया -
जब मेरे ख़त को वो जलाने लगे - उन के आंसू उसे बुझाने लगे ।
याकूब 'अज़्म' गोण्डवी ने शिकवा किया -
जिनके क़द को बड़ा किया मैंने -
अब वही क़द मेरा घटाने लगे ।
रशीद 'माचिस' ने व्यंग्य किया -
उनके हाथों में जब ख़ज़ाने लगे - मयकदे रोज़ रोज़ जाने लगे ।
यासीन राजू अंसारी ने धोखा खाने की बात कही -
रंग ऐसा जमा लिया तुमने - अच्छे अच्छे फरेब खाने लगे ।
अभिषेक श्रीवास्तव ने यह त्रासदी बताई -
बहस उन से बस इक ज़रा सी हुई - सारे एहसान वो गिनाने लगे ।
इमरान मसऊदी ने महबूब से कहा -
तू जो बन जाये ज़िन्दगी मेरी - ज़िन्दगी मेरी मुस्कुराने लगे ।
अलहाज गोण्डवी ने सफलता का मन्त्र दिया -
बस वही लोग रह गये पीछे - मेहनतों से जो जी चुराने लगे ।
साथ ही ताज मुहम्मद कुरबान, निजामुद्दीन 'शम्स', ने कलाम पेश किये । मस्क़त से मकसूद बेग 'रहबर' ने भी कलाम पेश किया । इस अवसर पर हाफिज़ हिसामुद्दीन, हरीश शुक्ल, आशिक रसूल, आज़म खां, मक्बूल वार्सी, मो० ताहिर, सय्यद अली, इरशाद छोटकऊ, मास्टर इक़बाल, राशिद सिद्दीक़ी, शफ़ाअत, मेराजुद्दीन, शम्शाद व अरसलान सिद्दीक़ी आदि मौजूद रहे । शाकिर अली कल्लू के धन्यवाद ज्ञापन पर गोष्ठी सम्पन्न हुई ।
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