गोण्डा - ऑपरेशन साइबर कवच के दृष्टिगत थाना कर्नलगंज की साइबर हेल्पडेस्क टीम द्वारा पीड़ितो के फ्रॉड किये गये 48,148/- रुपये कराए गए वापस, पैसे वापस मिलने पर पीड़ितो के चेहरे पर मुस्कान लौट आई, इस दौरान पीड़ितो ने गोण्डा पुलिस को धन्यवाद दिया।
साइबर फ्रॉड अपराध की रोकथाम के संबंध में त्वरित कार्यवाही करने हेतु पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल द्वारा दिये गये निर्देशों के क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी राधेश्याम राय के मार्गदर्शन में थाना कर्नलगंज साइबर हेल्प डेस्क की टीम द्वारा पीड़ित की फ्रॉड गयी धनराशि को सम्बंधित बैंक/इंटीमेडरी से संपर्क स्थापित करते हुए धनराशि 48,148/- पीड़ित के खाते में वापस करायी गयी।
जानिए पूरा मामला
आवेदक 1. विनोद जायसवाल नि0 अहिरौरा द्वारा 38,958/- रुपये व 2. सूरज श्रीवास्तव नि0 कुतुबपुर द्वारा 9,190 रुपये कुल 48,148/- रुपये फ्रॉड हो जाने के संबध में शिकायकर्ताओं द्वारा आनलाइन शिकायत की गई थी । जिसपर थाना कर्नलगंज की साइबर हेल्पडेस्क टीम द्वारा तत्काल कार्यवाही करते हुए सम्बंधित बैंक/इंटीमेडरी से संपर्क स्थापित करते हुए पीड़ित की 48,148/- रु0 की धनराशि वापस करायी गयी। पीड़ितों द्वारा अपने रुपये वापस पाकर प्रसन्नता जाहिर करते हुए थाना कर्नलगंज की साइबर हेल्पडेस्क की टीम को धन्यवाद दिया गया।
साइबर धोखाधड़ी होने पर तत्काल 1930 पर सूचना अंकित कराये, सूचना विलम्ब से देने पर साइबर अपराधियों द्वारा धन निकाल लिया जाता है। धन निकलने के उपरान्त पैसे वापस होने की सम्भावना बहुत कम होती है। लोगो को साइबर ठगों से सावधान रहने की जरुरत है। किसी भी अनजान फोन कॉल पर अपनी बैंक डिटेल, ओ0टी0पी0, बायोमैट्रिक डेटा, पैन कार्ड व आधार कार्ड की डिटेल किसी के साथ साझा न करें। फ्रॉड ट्रांजेक्सन होने पर तत्काल अपने बैंक एवं थाना पर गठित साइबर सेल को सूचना दें एवं साइबर हेल्पलाइन 1930 पर तत्काल शिकायत दर्ज कराएँ।
साइबर सुरक्षा टिप्स
01. ऑनलाइन लेन-देन में सावधानी बरतें
02. किसी भी अनजान फोन कॉल पर अपनी बैंक डिटेल, ओटीपी, बायोमैट्रिक डेटा, पैन कार्ड व आधार कार्ड की डिटेल किसी के साथ साझा न करें।
03. सोशल मीडिया पर व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें।
04. अनजान लिंक्स पर क्लिक न करें।
05. अपने डिवाइस को सुरक्षित रखें।
06. ऑनलाइन शॉपिंग में सुरक्षित वेबसाइट्स का उपयोग करें।
07. पासवर्ड को मजबूत और गुप्त रखें।
08. ऑनलाइन गतिविधियों पर निगरानी रखें।
09. साइबर बुलिंग और साइबर स्टॉकिंग के मामलों में तुरंत पुलिस को सूचित करें।
10. ऑनलाइन उत्पीड़न के मामलों में कंपनी प्रबंधन और पुलिस को सूचित करें
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