माँ पाटेश्वरी शक्ति संवाद में 11 महिलाओं की समस्याएं सुनीं, अपर आयुक्त न्यायिक ने दिए त्वरित निस्तारण के निर्देश
मारपीट, पेंशन और प्रमाण पत्र से जुड़े मामलों पर सख्त हुई प्रशासनिक व्यवस्था
महिलाओं की शिकायतों पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं, समयबद्ध समाधान शासन की प्राथमिकता
माँ पाटेश्वरी शक्ति संवाद में महिलाओं को मिला न्याय का भरोसा, अधिकारियों को कड़े निर्देश
गोण्डा - माँ पाटेश्वरी शक्ति संवाद कार्यक्रम के अंतर्गत सोमवार को मंडलायुक्त कार्यालय में आयोजित विशेष महिला जनसुनवाई में महिलाओं की समस्याओं को प्रमुखता से सुना गया। जनसुनवाई की अध्यक्षता , अपर आयुक्त न्यायिक, देवीपाटन मण्डल ने की। इस दौरान विभिन्न क्षेत्रों से आई कुल 11 महिलाओं ने अपनी व्यक्तिगत, पारिवारिक, राजस्व एवं अन्य प्रशासनिक समस्याएं उनके समक्ष प्रस्तुत कीं।
जनसुनवाई के दौरान महिलाओं ने पारिवारिक विवाद, भूमि एवं वरासत से जुड़े मामले, प्रमाण पत्र निर्गमन में आ रही कठिनाइयों, पेंशन, पुलिस कार्यवाही तथा अन्य प्रशासनिक समस्याओं को विस्तार से रखा। अपर आयुक्त न्यायिक ने प्रत्येक महिला की बात को गंभीरता से सुना, प्रकरणों की वस्तुस्थिति की जानकारी ली और संबंधित अधिकारियों से मौके पर ही आवश्यक तथ्य तलब किए। उन्होंने स्पष्ट किया कि महिलाओं की समस्याओं का समयबद्ध, निष्पक्ष और संवेदनशील समाधान शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
जनसुनवाई के दौरान एक गंभीर मामला थाना उमरीबेगमगंज क्षेत्र के मधईपुर गांव से सामने आया, जहां निवासी केशपती देवी ने आरोप लगाया कि 8 फरवरी को उनके पुत्र विष्णु के साथ गांव के ही कुछ लोगों ने मारपीट की, गालियां दीं और जान से मारने की धमकी दी। पीड़िता ने बताया कि 112 पर सूचना देने और थाने जाने के बावजूद रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। पीड़ित का चिकित्सीय परीक्षण कराया जा चुका है तथा घटना का सीसीटीवी फुटेज भी उपलब्ध है। अपर आयुक्त न्यायिक ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए।
इसके अलावा एक विधवा महिला राखी देवी ने अपने पति स्व. हरिकान्त बावरा की मृत्यु के बाद द्वितीय पारिवारिक पेंशन न मिलने की शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि वर्ष 2020 से सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बावजूद पेंशन पत्रावली लंबित है। वित्त एवं लेखाधिकारी तथा जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के आदेशों के बाद भी खण्ड शिक्षा अधिकारी स्तर पर पत्रावली आगे नहीं बढ़ाई गई। अपर आयुक्त न्यायिक ने संबंधित शिक्षा विभाग के अधिकारियों को प्रकरण का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जनसुनवाई में पारिवारिक प्रमाण पत्र से जुड़ा एक अन्य मामला भी सामने आया, जिसमें एक महिला ने बताया कि माता-पिता के निधन के बाद उनके और बहन के नाम राजस्व अभिलेखों में वरासत दर्ज है, लेकिन परिवार जन प्रमाण पत्र न मिलने के कारण नगर पालिका में आवासीय मकान की वरासत नहीं हो पा रही है। ग्राम पंचायत स्तर पर विवाहित होने का हवाला देकर परिवार रजिस्टर की नकल देने से इनकार किया जा रहा है। इस पर अपर आयुक्त न्यायिक ने राजस्व विभाग के अधिकारियों को नियमानुसार समाधान के निर्देश दिए।
जनसुनवाई के उपरांत अपर आयुक्त न्यायिक मीनू राणा ने सभी प्राप्त प्रकरणों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शिकायतों की शीघ्र जांच कर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि महिलाओं को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा है कि महिलाएं बिना भय और संकोच के अपनी समस्याएं रख सकें और उन्हें त्वरित न्याय मिल सके।
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