Feb 11, 2026

दौड़ी सफलता की एक्सप्रेस: एसीएल एकेडमी को नेशनल डायमंड और स्टेट गोल्ड अवार्ड



नई दिल्ली के स्कोप कन्वेंशन सेंटर में गूँजा  करनैलगंज गोंडा उत्तर प्रदेश का नाम, अजीत प्रताप दीक्षित को मिला दोहरा सम्मान

  नई दिल्ली/लखनऊ/ गोण्डा - उत्तर प्रदेश के अवध क्षेत्र की मिट्टी से निकली प्रतिभा ने राष्ट्रीय फलक पर अपनी सफलता की अमिट छाप छोड़ी है। ग्रामीण इलाकों में तकनीकी शिक्षा और डिजिटल साक्षरता की अलख जगाने वाली अवध कैरियर लांचर एंड कम्युनिटी फाउंडेशन संस्था द्वारा संचालित'एसीएल एकेडमी ऑफ कंप्यूटर लर्निंग'  ने एक साथ दो बड़े पुरस्कार जीतकर नया इतिहास रच दिया है।
राजधानी दिल्ली के प्रतिष्ठित स्कोप कन्वेंशन सेंटर में आयोजित 'लीडरशिप एक्सीलेंस अवार्ड्स 2025' में संस्थान को 'नेशनल ग्लोबल डायमंड अवार्ड' और उत्तर प्रदेश में सर्वोच्च स्थान प्राप्त करने पर 'स्टेट गोल्ड अवार्ड' से नवाजा गया।

दिग्गजों ने सराहा : 'स्किल इंडिया' को मिल रही नई धार

लोकसभा अध्यक्ष के ओएसडी राजेश गोयल आइएएस, कोटा यूनिवर्सिटी में स्किल डेवलपमेंट की डायरेक्टर प्रोफेसर डॉ. अनुकृति शर्मा और आरजीसीएसएम स्किल्स के चेयरमैन डॉ. केपी सिंह ने संयुक्त रूप से यह सम्मान अजीत प्रताप दीक्षित केंद्र निदेशक को सौंपा। कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि ग्रामीण युवाओं को तकनीक से जोड़कर एसीएल एकेडमी प्रधानमंत्री के 'डिजिटल इंडिया' और 'स्किल इंडिया' मिशन को धरातल पर सच कर रही है। पहली बार यह अवार्ड उत्तर प्रदेश को गया है। इससे पहले इस अवार्ड पर हरियाणा और पश्चिम बंगाल का कब्जा हुआ करता था।

20 वर्षों का तप: घर-घर पहुँचा कंप्यूटर

संस्थान की यह सफलता रातों-रात नहीं मिली है। पिछले दो दशकों से अजीत प्रताप दीक्षित के नेतृत्व में एकेडमी ने उन क्षेत्रों में कंप्यूटर शिक्षा पहुँचाई, जहाँ संसाधनों का अभाव था। आज यहाँ से निकले हजारों छात्र देश-दुनिया की बड़ी कंपनियों सहित सरकारी कार्यालयों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

निदेशक का संकल्प: "हर हाथ को मिले हुनर"

अवार्ड ग्रहण करने के बाद उत्साहित अजीत प्रताप दीक्षित ने इसे अपनी टीम और छात्रों को समर्पित किया। उन्होंने कहा,
> "यह दोहरा सम्मान हमारी जिम्मेदारी को दोगुना कर देता है। हमारा लक्ष्य केवल सर्टिफिकेट देना नहीं, बल्कि हर हाथ को हुनरमंद बनाकर बेरोजगारी को जड़ से मिटाना है। उत्तर प्रदेश का मान बढ़ाना मेरे लिए गर्व की बात है।"

 बड़ी जीत: देशभर में डायमंड और यूपी में गोल्ड अवार्ड जीतकर अवध का बढ़ाया मान।

 सम्मान: आरजीसीएसएम स्किल्स द्वारा आयोजित भव्य समारोह में मिली ट्रॉफी और प्रशस्ति पत्र।

प्रभाव: 20 वर्षों से निरंतर तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में काम कर रही है एकेडमी।

 हर्ष: क्षेत्र के शिक्षाविदों और जनप्रतिनिधियों ने दी बधाई, छात्रों में जश्न का माहौल।


 संघर्ष से शिखर तक'  जुनून ने रचा इतिहास

> दो दशक का सफर, हजारों युवाओं का भरोसा
> आज जब डिजिटल क्रांति की चर्चा हर जुबां पर है, तब अजीत प्रताप दीक्षित ने करीब 20 साल पहले ग्रामीण अंचलों में उस समय कंप्यूटर शिक्षा का बीज बोया था, जब बिजली और इंटरनेट भी एक सपना हुआ करते थे।
> एसीएल एकेडमी की यह 'डबल जीत' महज एक पुरस्कार नहीं, बल्कि उस अथक परिश्रम का प्रतिफल है जिसने अवध के गांवों से निकलकर युवाओं को ग्लोबल मार्केट के काबिल बनाया। नेशनल डायमंड अवार्ड यह साबित करता है कि यदि विजन साफ हो और इरादे नेक, तो छोटे शहरों से निकलकर भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी धाक जमाई जा सकती है। अजीत दीक्षित की यह उपलब्धि उन सभी के लिए प्रेरणा है जो सीमित संसाधनों में भी बड़े सपने देखने का साहस रखते हैं।

> "सम्मान का डायमंड, मेहनत का गोल्ड: तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में अवध का परचम अब पूरे देश में!"

फोटो कैप्शन

गौरवशाली क्षण: नई दिल्ली के स्कोप कन्वेंशन सेंटर में आयोजित भव्य समारोह के दौरान नेशनल ग्लोबल डायमंड अवार्ड और स्टेट गोल्ड अवार्ड ग्रहण करते एसीएल एकेडमी के निदेशक अजीत प्रताप दीक्षित। साथ में (बाएँ से) लोकसभा अध्यक्ष के ओएसडी राजेश गोयल (IAS), कोटा यूनिवर्सिटी की डायरेक्टर प्रो. अनुकृति शर्मा और आरजीसीएसएम के चेयरमैन डॉ. केपी सिंह।


सम्मान का शिखर: आरजीसीएसएम स्किल्स द्वारा आयोजित 'लीडरशिप एक्सीलेंस अवार्ड्स 2025' में सम्मानित होने के बाद दिग्गज हस्तियों के साथ श्री अजीत प्रताप दीक्षित। यह पुरस्कार संस्थान द्वारा पिछले 20 वर्षों से ग्रामीण युवाओं को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने के उपलक्ष्य में दिया गया है।


"मेहनत की चमक, अवार्ड का गौरव"
एसीएल एकेडमी यूपी-248 को मिला राष्ट्रीय स्तर पर 'डायमंड' और प्रदेश स्तर पर 'गोल्ड' अवार्ड। देश के प्रतिष्ठित अधिकारियों और शिक्षाविदों ने नई दिल्ली में किया सम्मानित।

> "राष्ट्रीय पटल पर यूपी का गौरव: एसीएल एकेडमी को मिला दोहरा सम्मान"

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