गोण्डा - जहां एक ओर पूरे देश में और खास तौर पर दूसरे चरण में उत्तर प्रदेश में हो रहे एसआईआर को लेकर चुनाव आयोग खासा परिश्रम कर रहा है वहीं अब मतदाताओं को अनावश्यक नोटिस देने का दौर शुरू हो गया। इसी क्रम में गोण्डा जिले की सदर विधानसभा सीट से पूर्व सपा प्रत्याशी सूरज सिंह और उनकी पत्नी एवं पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्रद्धा सिंह को नोटिस देकर पुनः एसआईआर कराने के लिए कहा गया है। मूल रूप से वजीरगंज ब्लाक के बल्लीपुर गांव निवासी और पूर्व मंत्री स्वo पंडित सिंह के परिजन सूरज सिंह और पत्नी श्रद्धा सिंह को प्रशाशन ने नोटिस दी है। इसी क्रम में सूरज सिंह ने सोशल मीडिया पर लाइव वीडियो जारी कर सरकार और प्रशासन के अलावा चुनाव आयोग पर पक्षपात करने का आरोप लगाया है। सूरज सिंह ने वीडियो के माध्यम से बताया कि गैर भाजपाइयों और समुदाय विशेष के लोगों को विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान में उलझाकर उनको परेशान किया जा रहा है। समुदाय विशेष और समाजवादी पार्टी समर्थक मतदाताओं का वोट मतदाता सूची से हटवाने की मंशा से प्रशासन ऐसा काम कर रहा है। सपा नेता सूरज सिंह ने डीएम, एडीएम और एसडीएम गोण्डा को फ़ोन एवं पत्र के माध्यम से एवं तरबगंज एसडीएम को पत्र लिखकर यह बात पूछी है कि उनका और उनकी पत्नी श्रद्धा सिंह को नोटिस किस नियत से दिया गया है। सूरज सिंह ने आगे बताया कि 2003 की मतदाता सूची में उनका नाम था और उसी सूची से मैपिंग भी कराई गई थी बावजूद इसके उनका नाम नो मैपिंग में डालकर उनको नोटिस थमा दी गई है।
सपा नेता ने कहा कि विधानसभा गोण्डा सदर के BLO को जबरन दबाव बनाकर मतदाताओं को परेशान करने के लिए भाजपा के लोगों द्वारा फॉर्म 7 भरकर उपलब्ध कराये जा रहे हैँ। BLO के जमा लेने से मना करने पर उनके ऊपर दबाव बनाया जा रहा है। BLO को परेशान करने का साक्ष्य भी उपलब्ध है जिसे सुनवाई न किये जाने पर सार्वजनिक किया जायेगा और चुनाव आयोग को साक्ष्य भेजे जायेंगे। सपा नेता ने कहा कि अगर प्रशासन का यही रवैया रहा तो इसके लिए आंदोलन होगा और आयोग और प्रशाशन की इस मनमानी के लिए युद्ध स्तर पर लड़ाई लड़ी जाएगी।
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