Aug 12, 2023

मां वाराही न्यूज़ के पूरे हुए चार साल गूगल पे स्थान मिला बेमिसाल

 "लिखवाना हकीकत चाहते हो,

 या झूठा सार लिख दूं….

 तुम कहो तो तुम्हारे नाम का अखबार लिख दूं…."

उपरोक्त पंक्तियां देश के चौथे स्तंभ से आलिंगन करते हुए परिलक्षित होती हैं और पत्रकारिता की सूक्ष्मता से परिचय कराती हैं। पत्रकारिता का हर समय काल में समाज के लिए होना बिल्कुल ऑक्सीजन की भांति अनिवार्य है। जिस प्रकार व्यक्ति में ऑक्सीजन की कमी होने से दम घुटने की समस्या और अपर्याप्तता की स्थिति में जीवन से हाथ धोने की नौबत उत्पन्न हो जाती है। ठीक उसी प्रकार से किसी भी समाज में, पत्रकार और पत्रकारिता की पर्याप्त मात्रा का बिल्कुल ऑक्सीजन की भांति, शुद्धता के साथ मौजूद रहना अनिवार्य है, जिससे कि किसी भी देश/समाज के भीतर सामाजिक जीवन की प्रक्रिया सुचारू रूप से चलती रहे।



"पत्रकारों के पैरों के छालों से इतिहास लिखा जाता है।"(महादेवी वर्मा)

उक्त पंक्तियां पत्रकारों की पत्रकारिता का प्रतिफल प्रदर्शित करती हैं और उनकी उपयोगिता को विश्व पटल पर दृष्टांकित करती हैं।


समाज के अग्रणी वर्ग को देश के विकसित बनने की प्रक्रिया से परिचय कराना व समाज के गरीब, शोषित,वंचित तथा अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति को न्याय दिलाने के लिए हर प्रकार से संघर्षरत रहना ही वास्तविक पत्रकारिता की परिभाषा और औचित्य का घोतक है।


हर दिशा की जानकारी कर न्यूज़(NEWS)के रूप में लोगों तक शीघ्रता से पहुंचाने का काम पत्रकार बंधुओ का है जो इस आधुनिकता भरे युग में तकनीक की वजह से काफी तेज हो चुकी है। प्रिंट मीडिया के साथ-साथ इलेक्ट्रॉनिक मीडिया(सोशल मीडिया) ने‌ पूरे विश्व को वैश्वीकरण के सूत्र में पिरोने का कार्य पत्रकारिता जगत में कर दिया है। निम्न पंक्तियां उक्त बातों को स्पष्ट करती प्रतीत होती हैं:-

 "रोटी की तरफ भागते हुए जाए(भूखे)की तरह….

वो खबर के हमराही हैं बिल्कुल साए की तरह….।" 

 "ना किसी की गलियों,बाजार में जाओ,

 ना किसी के दरबार में जाओ,

लड़नी हो ग़र जनहित की लड़ाई,

तो अखबार के कारोबार में जाओ…."


ऐसी ही पंक्तियों से प्रेरित होकर तथा पत्रकारिता और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया(सोशल मीडिया) की प्रासंगिकता से प्रेरित व प्रभावित होकर उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले के कर्नलगंज क्षेत्र के अंतर्गत कचनापुर गांव निवासी श्री सुभाष सिंह ने समाज के गरीबों, वंचितों,शोषितों व असहायों  की आवाज बनने के लिए देश के 73 वें स्वतंत्रता दिवस की पावन बेला पर 'मां वाराही' से आशीर्वाद प्राप्त कर  'मां वाराही न्यूज़ चैनल' की स्थापना की जिसकी इस साल‌ यह चौथी वर्षगांठ 76‌ वें स्वतंत्रता दिवस पर मनाई जा रही है।


इस न्यूज़ चैनल का मुख्य उद्देश्य कार्य सरकार द्वारा देश के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति को मुख्यधारा में लाने हेतु चलाई जा रही जन- कल्याणकारी योजनाओं का प्रचार-प्रसार करना तथा लोगों को जागरूक कर उन्हें उनका हक दिलाने के लिए आवाज उठाना व उनकी बातों को शासन प्रशासन तक पहुंचाना है।


गरीबों, वंचितों, शोषित व असहायों व समाज के अंतिम कतार में खड़े व्यक्ति को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष करना व उनकी पीड़ा को जिम्मेदार अधिकारियों तक पहुंचाना इस चैनल का मुख्य कार्य व उद्देश्य है।


समाज में उत्कृष्ट कार्य करने वाले सामाजिक लोगों को सम्मानित कर अपने साथ-साथ अन्य लोगों को भी जन कल्याणकारी कार्य करने के लिए प्रेरित करना भी इसका मुख्य कार्य है।


मां वाराही न्यूज़ चैनल की लोकप्रियता का प्रमाण यह है कि वर्तमान समय में भारत सहित अमेरिका, फ्रांस, जर्मनी, नेपाल, रूस, सिंगापुर, कनाडा, ओमान सहित करीब 50 से अधिक देशों में इसकी खबरें पढ़ी जा रही हैं तथा "मां वाराही न्यूज़" द्वारा ईमानदारी एवं कर्मठता के साथ कार्य करते हुए विगत चार वर्षों के सफर में अपनी सच्ची ख़बरों की बदौलत बहत्तर लाख वें स्थान से चलकर गूगल साइट पर साढ़े तीन लाख वां  स्थान हासिल‌ कर लिया है।


इस प्रकार की कर्मठता और संघर्षीलता के साथ सामाजिक कार्य के लिए श्री सुभाष सिंह जी को बहुत-बहुत धन्यवाद और पत्रकारिता  के क्षेत्र में उन्नति के लिए हार्दिक मंगलकामनाएं।🙂🙏

"अभयअजनबी" की कलम से

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