Nov 16, 2022

प्रोफेसर सहीम ने किया भारत का नाम रोशन, दुनिया भर में शीर्ष तीन पायदान पर।

शोधकर्ता प्रोफेसर सहीम स्कोपस दुनिया के शीर्ष तीन में हुए शामिल

अमेठी। उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले के जगदीशपुर के मूल निवासी डॉ० सहीम अहमद को पिछले 5 वर्षों के दौरान स्कोपस इंडेक्ड जर्नल में + ग्लाइकेशन = बायोकेमिस्ट्री के क्षेत्र में लेख प्रकाशित करने के क्षेत्र में भारत में पहला दुनिया में दूसरा स्थान मिला है। आपको बता दें कि ग्लाइकेशन मधुमेह और कैंसर स्थिति से जुड़ी एक प्रकिया है ग्लाईकेशन और रोग की कैंसर अवस्था के बीच एक कड़ी स्थापित करने में अग्रणी है।

वर्तमान में वह एप्लाइड मेडिकल साइंसेज कॉलेज हेल विश्वविद्यालय सऊदी अरब-

विभाग के विभिन्न वैज्ञानिक और अकादमिक समितियों के एक सहयोगी प्रोफेसर और सदस्य के रूप में नियुक्त हैं। सऊदी अरब में कार्यरत पूर्व में विभिन्न कार्यकालों में लगभग 8 वर्षो तक इंटिग्रल यूनिवर्सिटी लखनऊ, भारत में काम किया हैं। उन्होंने 2013 में लोयोला यूनिवर्सिटी शिकागो, यू. एस. ए. में अनुसंधान सहायक प्रोफेसर के रूप में भी काम किया था एवं 2014 में उन्होंने
इंटीग्रल यूनिवर्सिटी लखनऊ में प्रवेश लिया |डा सहीम 3300 से अधिक उद्धरणों और 35 इंडेक्स के साथ ग्लाइकेशन जैव रसायन के क्षेत्र में 122 शोध लेख प्रकाशित हो चुके हैं।

क्या होता है स्कोपस-

स्कोपस एक ऐल्सेवियर डेटाबेस है जिसमें 11,678 प्रकाशकों के 36,377 जर्नल शामिल हैं कई अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां दुनिया के विश्वविद्यालयों की रैंकिंग में स्कोपस प्रकाशनों का उपयोग करती हैं। यह पहली बार है उत्तर प्रदेश के अमेठी के लाल ने स्कोपस इंडेक्स - जर्नल्स में इतनी उच्च रैंकिंग हासिल किया है । डाक्टर सहीम अहमद यूपी से कई सम्मान और युवा वैज्ञानिक परियोजना पुरस्कार भी प्राप्त कर चुके हैं।

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