जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. एके मिश्रा का कहना है कि टीबी मरीजों की शीघ्र पहचान, गुणवत्तापूर्ण इलाज और योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए निक्षय दिवस मनाया जाएगा। 15 तारीख को अवकाश की हालत में अगले कार्य दिवस पर इसका आयोजन होगा। नोटिफिकेशन का ज़िले के 6100 लक्ष्य के सापेक्ष 5620 का नोटिफिकेशन किया जा चुका है। निक्षय दिवस से पहले आशा कार्यकर्ता गृह भ्रमण कर निक्षय दिवस, टीबी के बारे में समुदाय को जागरूक करेंगी। स्वास्थ्य इकाइयों पर जागरूकता सम्बन्धी फिल्म भी प्रसारित की जाएगी। आशा संभावित टीबी मरीजों की सूची तैयार कर उन्हें हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर तक लाने की जिम्मेदारी निभाएंगी। सीएचओ मरीजों की टीबी की प्रारम्भिक जांच, एचआईवी, डायबिटीज और अन्य उपलब्ध जांच करेंगी। बलगम का नमूना लेकर नजदीकी जांच केंद्र पर भेजा जाएगा।
निक्षय दिवस पर ओपीडी में आने वाले मरीजों की संख्या के सापेक्ष 10 प्रतिशत मरीजों की जांच के लिए बलगम का नमूना अनिवार्य रूप से लिया जाएगा। सीएचओ और आशा द्वारा निक्षय दिवस पर मिलने वाली सुविधाओं का प्रचार-प्रसार भी किया जाएगा। सीएचओ टीबी मरीजों के परिवार के अन्य सदस्यों की टीबी स्क्रीनिंग सुनिश्चित करेंगे। आशा कार्यकर्ता निक्षय दिवस पर टीबी मरीजों के बैंक खाते का विवरण आशा संगिनी को मुहैया कराएंगी और आशा संगिनी सीनियर ट्रीटमेंट सुपरवाइजर (एसटीएस) को निक्षय पोर्टल पर दर्ज कराने को इसे देंगी।
बताया कि दो सप्ताह या अधिक समय से खांसी होना, दो सप्ताह या अधिक समय से बुखार आना, वजन में कमी आना, भूख न लगना , बलगम के साथा खून आना क्षय रोग के प्रमुख लक्षण हैं।
रुधौली बस्ती से अजय पांडे की रिपोर्ट
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