Oct 28, 2022

गौर ब्लॉक परिसर में स्थापित होगा एआरजी

बस्ती। जिला के विकास खंड गौर परिसर के छत पर ऑटोमैटिक रेन गेज सिस्टम लगेगा। इसकी स्थापना राष्ट्रीय जल विज्ञान परयोजना फेज थ्री के तहत किया जा रहा है। एआरजी सिस्टम स्थापित होने के बाद क्षेत्र में होने वाली वर्षा का रिकार्ड तैयार होगा। डाटा सीधे संबंधित विभाग को चला जाएगा।   

        अधिशासी अभियंता बाढ़ प्रबंधन सूचना प्रणाली केंद्र सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग लखनऊ ने खंड विकास अधिकारी गौर ब्लॉक को भेजे पत्र में कहा है कि भारत सरकार जल शक्ति मंत्रालय के अधीन राष्ट्रीय जल विज्ञान परियोजना फेज थ्री के तहत बाढ़ प्रबंधन सूचना प्रणाली केंद्र को बरसात सबंधी सीधे सूचना चाहिए। इसकी स्थापना विश्व बैंक की सहायता से की जा रही है। स्थानीय स्तर पर इसका ठेका मेकाट्रानिक्स प्राइवेट लि. पुणे को दिया गया है।  

जल संसाधन विभाग उत्तर प्रदेश की तरफ सरयू बेसिन के लिए रियल टाइम डेटा एक्विजिशन सिस्टम स्थापित है। केंद्र व राज्य सरकार की मदद से इस सिस्टम को बरसात सबंधी सूचना देने के लिए ऑटोमैटिक रेन गेज की स्थापना होना है।  

अधिशासी अभियंता ने बताया कि एआरजी का अनुमानित वजन 60 से 70 किलोग्राम है। इसकी स्थापना के लिए दो वर्गफुट जगह की आवश्यकता होगी। उन्होंने बीडीओ से ब्लॉक पर दो वर्गफुट जगह उपलब्ध कराने और उसके लिए एनओसी देने को कहा है।  

एआरजी स्थापना के बाद टेलीमेट्री माध्यम से उस क्षेत्र में होने वाली वास्तविक वर्षा का डाटा प्रत्येक 15 मिनट के बाद होने वाली वर्षा का डाटा सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के बाढ़ प्रबंधन सूचना प्रणाली केंद्र में स्थापित सर्वर को भेजता रहेगा। यह सूचना भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय के नेशनल वाटर इनफार्मेशन सेंटर के वेब पोर्टल इंडिया वाटर रिसोर्स इनफारमेशन सिस्टम पर भी प्रसारित हो जाएगा।   

          रुधौली बस्ती से अजय पांडे की रिपोर्ट

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