Oct 23, 2026

कुंवर शारदेन मोहन के समर्थकों पर ताबड़तोड़ एफआईआर, साजिश या संयोग?



करनैलगंज/गोण्डा  - कुंवर शारदेन मोहन सिंह के समर्थकों पर एक ही दिन में दो एफआईआर से सियासत गर्म होती जा रही है, फटाफट एफआईआर ने 3 बड़े सवालों को जन्म दे दिया है। 16 अक्टूबर 2026 की रात्रि सरयू रेलवे क्रॉसिंग और 20 अक्टूबर को रामलीला मैदान में दशहरा मेले के दौरान हुए बवाल के मामले में कुंवर शारदेन मोहन सिंह के समर्थकों पर दर्ज FIR ने करनैलगंज की सियासत को और चर्चा में ला दिया है। एक ही दिन में दो मुकदमें दर्ज किए जाने के बाद अब आम जनता के बीच यही चर्चा है कि क्या यह कानून का एक्शन है या सियासी साजिश का हिस्सा?

पुलिस की कार्रवाई अपने आप मे खड़े कर रही कई बड़े सवाल
पहली एफआईआर में 16 अक्टूबर की घटना रात 8 बजकर 15 मिनट की बताई गई है, पीड़ित ने मौके पर डायल 112 बुलाने का भी बयान दिया है,17 अक्तूबर को दूसरे दिन पीड़ित द्वारा शिकायती प्रार्थना पत्र देने का जिक्र है तो आखिर एफआईआर घटना के इतने दिनों बाद 21 को क्यों ?
आमजन मानस के मन में यह सवाल कौंध रहा है कि सरयू रेलवे क्रॉसिंग पर राजा भैया समर्थकों से मारपीट की घटना 16 अक्टूबर की बताई जा रही है। ऐसे में 5 दिन तक पुलिस ने क्या किया ? एफआईआर सीधे 21 अक्टूबर को क्यों दर्ज हुई ? क्या किसी के इशारे का इंतजार हो रहा था ?

दूसरा सवाल दशहरा मेले का बवाल 20 शाम को, तो पुलिस कार्रवाई में इतनी देर क्यों ?
दूसरा बड़ा मामला रामलीला मैदान का है। 20 अक्टूबर को दशहरा मेले में मंच पर चढ़ने को लेकर धक्का-मुक्की हुई। पुलिस खुद मौके पर मौजूद थी, फिर उसी समय कार्रवाई क्यों नहीं ? आरोपियों पर एफआईआर दर्ज करने के लिए अगले का इंतजार करने की क्या वजह थी ?

तीसरा अहम सवाल यह भी है कि एक घंटे में ताबड़तोड़ दो-दो एफआईआर क्या यह महज संयोग है या कोई संकेत?

यहाँ सबसे चौंकाने वाला पहलू ये है कि दोनों अलग-अलग घटनाओं की एफआईआर 21 अक्टूबर को एक घंटे के भीतर ताबड़तोड़ दर्ज कर दी गईं। इस टाइमिंग ने आम जनमानस के मन में शक की गुंजाइश को जन्म दे दिया है।

सच्चाई जो भी हो नवरात्रि और दशहरे में हुए मामले को लेकर कुंवर शारदेन मोहन के समर्थकों के खिलाफ दर्ज एफआईआर आमजन में चर्चा का व्यापक विषय बना हुआ है, पूरी सच्चाई पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल पुलिस ने दोनों मामले दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, लेकिन FIR की देरी और एक साथ हुई कार्रवाई ने पूरे मामले को अब सियासी मोड़ की चर्चा पर छोड़ दिया है।


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