दुर्घटना पीड़ित की आईडी से लेकर उपचार तक हर चरण की समीक्षा
गोण्डा - जनपद में सड़क दुर्घटना में घायल पीड़ितों को त्वरित एवं कैशलेस उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित पीएम कैशलेस इलाज योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर गोण्डा आरटीओ कार्यालय के मीटिंग हॉल में योजना में शामिल अस्पतालों के नोडल अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
बैठक में दुर्घटना पीड़ितों को दुर्घटना स्थल से अस्पताल पहुंचने, उनकी पहचान तैयार करने, प्रारंभिक उपचार एवं स्थिरीकरण से लेकर योजना के अंतर्गत उपचार की पूरी प्रक्रिया को सुचारु और समयबद्ध बनाने पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में सिटी मजिस्ट्रेट ने शिकायत निवारण अधिकारी के रूप में प्रतिभाग किया। इसके अलावा पुलिस विभाग के नोडल अधिकारी एवं सीओ ट्रैफिक, चिकित्सा विभाग के नोडल अधिकारी डॉ. जी.एम. चिश्ती, EDAR नोडल अधिकारी श्री फैजल फत्ताह, EDM गोण्डा, एआरटीओ तथा योजना में शामिल सभी अस्पतालों के 11 नोडल अधिकारियों ने प्रतिभाग किया।
बैठक में दुर्घटना पीड़ितों की आईडी तैयार किए जाने की प्रक्रिया पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि पुलिस विभाग द्वारा पीड़ित की पहचान संबंधी प्रक्रिया को समय से पूरा किया जाना अत्यंत महत्वपूर्ण है, ताकि घायल व्यक्ति को अस्पताल में उपचार प्राप्त करने में किसी प्रकार की बाधा न हो। इसके बाद अस्पताल में पहुंचने पर घायल के प्रारंभिक उपचार एवं स्टेबलाइजेशन की व्यवस्था तथा योजना के अंतर्गत आवश्यक उपचार उपलब्ध कराने के संबंध में भी विस्तृत चर्चा की गई।
अधिकारियों ने TMS से PFMS तक योजना के तहत उपचार एवं भुगतान से जुड़ी प्रक्रियाओं की जानकारी साझा करते हुए संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारियों और उनके बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया।
बैठक का उद्देश्य दुर्घटना पीड़ितों को किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब का सामना न करना पड़े और उन्हें निर्धारित प्रावधानों के अनुसार तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध हो सके, यह सुनिश्चित करना रहा।
बैठक में योजना में शामिल सभी अस्पतालों के अधिकारियों एवं नोडल अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे अपनी-अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी संवेदनशीलता, तत्परता और समयबद्धता के साथ करें। अधिकारियों से कहा गया कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति के लिए शुरुआती समय बेहद महत्वपूर्ण होता है, इसलिए उपचार की प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए दुर्घटना पीड़ितों की जान बचाने तथा उन्हें शीघ्र स्वस्थ करने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाने पर जोर दिया गया।
बैठक में उपस्थित अधिकारियों ने योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए आपसी समन्वय, त्वरित कार्रवाई और मानवीय संवेदनशीलता के साथ कार्य करने का भरोसा दिलाया। अधिकारियों ने कहा कि योजना का मूल उद्देश्य सड़क दुर्घटना में घायल लोगों को समय पर गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराकर अनमोल जीवन की रक्षा करना है और इसके लिए सभी संबंधित विभागों एवं अस्पतालों को अपनी भूमिका पूरी जिम्मेदारी से निभानी होगी।
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