Apr 26, 2026

सर्राफा गली में ‘विकास’ डूबा: सालों से नाली के पानी में गुजर रहे मसकनवां-बाजार के लोग

गोण्डा - विकास के दावों की हकीकत जाननी हो तो विकास खंड छपिया की ग्राम पंचायत रानीजोत के मसकनवां-बाजार स्थित सर्राफा गली का एक चक्कर काफी है। यहां हालात इतने बदतर हैं कि पैदल चलना तक मुश्किल हो गया है। गली में जाम नालियों का गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है, जिससे राहगीरों और ग्राहकों को उसी गंदगी से होकर गुजरना पड़ता है।
महाजनी टोला की सर्राफा मंडी, जो मसकनवां-बाजार का प्रमुख व्यापारिक केंद्र मानी जाती है, वर्षों से इस बदहाली का दंश झेल रही है। स्थानीय व्यापारियों के अनुसार, यह समस्या एक-दो दिन की नहीं बल्कि कई वर्षों से चली आ रही है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
गौरतलब है कि एक वर्ष पूर्व ग्राम पंचायत के प्रधान की शक्तियां भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते सीज कर दी गई थीं, जिसके बाद त्रिस्तरीय पंचायत समिति का गठन हुआ। वर्तमान में ग्राम पंचायत के विकास कार्य समिति और पंचायत अधिकारी की निगरानी में कराए जा रहे हैं। इसके बावजूद सर्राफा गली की स्थिति जस की तस बनी हुई है, जिससे कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं।
व्यापारियों का कहना है कि यह गली बाजार का ‘दिल’ है, जहां से सर्राफा और किराना सहित कई महत्वपूर्ण व्यवसाय संचालित होते हैं। बावजूद इसके, यहां की दुर्दशा से ग्राहकों का आना-जाना प्रभावित हो रहा है, जिससे व्यापार पर भी नकारात्मक असर पड़ रहा है। साथ ही गंदे पानी के कारण संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है और गली में रहने वाले लोग स्वास्थ्य समस्याओं का सामना कर रहे हैं।
स्थानीय व्यापार मंडल ने खंड विकास अधिकारी छपिया, जिला पंचायत राज अधिकारी गोंडा और क्षेत्रीय सांसद प्रतिनिधि कमलेश पांडेय को इस समस्या से अवगत कराते हुए करीब 200 मीटर सड़क और नाली निर्माण का प्रस्ताव भी सौंपा था। इतना ही नहीं, क्षेत्रीय विधायक ने खुद पैदल चलकर गली की स्थिति का निरीक्षण किया, लेकिन इसके बाद भी कोई कार्रवाई जमीन पर नजर नहीं आई।
सबसे बड़ी विडंबना यह है कि मसकनवां-बाजार कस्बा नगर पंचायत क्षेत्र से सटा हुआ है, फिर भी यह क्षेत्र आज तक ग्राम पंचायत रानीजोत के अंतर्गत ही आता है, जिससे विकास कार्यों में स्पष्ट रूप से उपेक्षा देखने को मिल रही है।
अब सवाल यह उठता है कि आखिर कब तक सर्राफा गली के व्यापारी और आमजन इस गंदगी में जीने को मजबूर रहेंगे और जिम्मेदार कब इस ओर गंभीरता से ध्यान देंगे।

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