डीजीपी सर ! वजीरगंज का बेखौफ थानेदार तो खुलेआम उड़ा रहा है योगी के निर्देशों की धज्जियां
गोण्डा - जिले के वजीरगंज थाने मे तैनात बेखौफ थानेदार विपुल पाण्डेय खुलेआम योगी सरकार के छवि को धूमिल कर रहा है। जिससे सरकार के प्रति पीड़ितों मे नफरत की आग फैल रही है। इस थाने मे आये पीड़ितों को ये बेलगाम थानेदार खुलेआम भद्दी भद्दी गालियां देकर उन्हें न केवल प्रताड़ित करता है बल्कि इस थानेदार पर अपराधियों को संरक्षण देने का भी आरोप है। वर्दी की आड़ मे गुंडागर्दी करना इस थानेदार के फितरत मे शामिल है। बावजूद इसके इस थानेदार का यहाँ अंगद रुपी पैर जमा है। जिसे लेकर जहां कानून व्यवस्था पर लोगों की उँगलियाँ उठ रही है वहीं सरकार की छवि भी दागदार होती जा रही है।
केस नंबर 1 :- प्रकरण क्षेत्र के चंदापुर का है। जहां के निवासी जिला पंचायत सदस्य हृदयराम यादव को जब दिनांक 7अप्रैल 2026 को जब थाने पहुंचे तो वहां दबंग आरोपी पहले से मौजूद था, जिसे लेकर हृदयराम यादव ने थानेदार से जब ये कहा कि जान से मारने की धमकी देने वाला आरोपी तो थाने मे ही घूम रहा है, इतना सुनते ही एसओ विपुल पाण्डेय तिलमिला उठे और बोले यहाँ से भाग जाओ वरना टांग पर टांग रखकर चीर देंगे, हृदयराम ने सपने मे भी नही सोंचा था, कि एक थानेदार भी इस तरह अपना स्तर गिरा सकते हैं। इससे आक्रोषित लोगों ने एसपी गोण्डा को एक ज्ञापन भी सौंपा था।
केस नम्बर:- 2 प्रकरण क्षेत्र के एक निष्पक्ष लिखने वाले पत्रकार से जुड़ा है, जिसकी खबरों से तिलमिलाये थानेदार विपुल पाण्डेय व एसआई वेदराम, एसआई विकास गुप्ता, सिपाही सुशील सिंह, सिपाही आनंद यादव, सिपाही शिवम पाल व सम्मलित महिला कांस्टेबल सरिता ने दिनांक 11 अप्रैल 2026 को साजिश के तहस फंसाने की नियत से पहले पत्रकार के बेटे की बाईक को रोका, बाद में अभद्र शब्दों का प्रयोग किया जिसका विरोध करने पर पुलिस वालों ने न केवल पत्रकार के बेटे से मारपीट किया बल्कि वहां पहुंचे पत्रकार पर भी पुलिसिया कहर बरपाया। जिसकी शिकायत आईजी गोण्डा से की गई, जब कोई कार्यवाही न हुई तो पत्रकारों ने गृह मंत्रालय व पीएम आफिस जाकर पूरे मामले से अवगत कराकर आरोपियों को थाने से हटाने के साथ ही उन पर कठोर कार्यवाही की मांग की है।
केस नंबर 3 :- क्षेत्र के रामपुर खरांटा निवासी रामेश्वर दत्त सिंह का आरोप है कि पुलिस की सरक्षण मिलने के कारण दबंगो ने उसके निजी खेत मे लगी गेंहू के फसल को काट लिया, पीड़ित का आरोप है कि डीएम ने एसडीएम को गेंहू कटवाने का निर्देश दिया था मगर जब ऐसा नही हुआ तो दिनांक 13 या 14 अप्रैल के मध्य पीड़ित का फसल दबंगो ने काट लिया, जिसका प्रमाण भी डायल 112 की पुलिस को मिला, बावजूद इसके एसओ दबंगो पर मेहरबान रहे और अब तक एफआईआर नही दर्ज किये। और तो और एसडीएम ने जब दिनांक 18 अप्रैल को तहसीलदार, एसओ, लेखपाल व आर.आई को मौके पर जाकर निरीक्षण करने का लिखित आदेश दिया तो उस आदेश को तहसीलदार व एसओ ने ताक पर रखा दिया, वो वहां नही पहुंचे, मौके पर लेखपाल व आर.आई ही पहुंचे थे। पीड़ित का आरोप है की आईजीआरएस पर भी घर बैठकर फर्जी रिपोर्ट लगाया गया।
यहाँ धधकती है जहरीली शराब की भट्ठियां, पुलिस संरक्षण मे बिकती है अवैध जहरीली शराब
विदित हो कि जहरीली शराब को लेकर आये दिन कहीं न कहीं हादसे होते रहते हैं। इस पूर्णतया बंद करने के लिए जहां शासन प्रशासन ठोस कदम उठा रही है। वहीं सूत्रों के मुताबिक वजीरगंज थाना क्षेत्र मे जहरीली शराब का धंधा जोरों पर है, जो कुटीर उद्योग बनता जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक क्षेत्र के पुरैना व रमईपुर मे जहां जहरीली शराब की भट्ठियां धधकती है वहीं थाना क्षेत्र के काजीपुर मे कई स्थानों पर इसकी बड़े पैमाने पर बिक्री होती है। जिसका कुछ दिनों पहले वीडियो भी वायरल हुआ था, जिसमे बिक्री करने वाला युवक साफ साफ बता रहा है की हल्का सिपाही उससे हर माह भारी धन उगाही करते हैं। इतना ही नही कभी कभार जब पकड़ कर ले जाते हैं तो 4 से 5 हजार रुपये लेकर छोड़ देते हैं।
इससे जहां कानून व्यवस्था पर लोगों की उँगलियाँ उठ रही है वहीं सरकार की छवि भी दागदार होती जा रही है।
No comments:
Post a Comment