करनैलगंज/ गोण्डा - जिले की छः रियासतों में से एक धनावा स्टेट में वारिश कौन की जंग छिड़ गई है। करनैलगंज विधानसभा क्षेत्र से छः बार विधायक रहे कुंवर अजय प्रताप सिंह उर्फ लल्ला भैया के निधन के बाद वारिसाना हक के लिए घमासान शुरू है और अब विवाद प्रशासन की डेवढी तक पहुंच चुका है। मामले में आज कटरा शहबाजपुर स्कूल में खुली बैठक आयोजित हुई जिसमें बयान दर्ज किया गया। अब प्रशासन निर्णय पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं। एसडीएम नेहा मिश्रा की मौजूदगी में आहुत बैठक के दौरान लल्ला भैया की पत्नी मीनाक्षी सिंह का बेटा होने का साक्ष्य पेश करते हुए परिवार रजिस्टर में नाम दर्ज कराने के लिए कुंवर कमलेन मोहन सिंह और कुंवर अजेन मोहन सिंह ने आवेदन दिया। वहीं पहली पत्नी ममता सिंह के पुत्र कुंवर वेंकटेश मोहन सिंह तथा कुंवर शारदेन मोहन सिंह व उनकी बुआ कुंवरि शैल सिंह द्वारा कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा गया कि ये दोनों लल्ला भैया के पुत्र नहीं हैं।
प्रदेश में अलग शान शौकत के लिए जाने जाते थे लल्ला भैया
जिले ही नहीं बल्कि प्रदेश में अलग शान शौकत के लिए जाने जाने वाले, छः बार के विधायक व राजनीति के धुरंधरो में से एक रहे कुंवर अजय प्रताप सिंह उर्फ लल्ला भैया के घर में हक और वारिस की लड़ाई ने जनमानस को चकाचौंध कर दिया है। जनचर्चा तो यहां तक पहुंच गई है कि कभी हजारों मामलों को निपटाने वाला और अनेकों की मदद करने वाला बरगदी कोट परिवार अपने मामले के निपटारे के लिए सरकारी चौखट पर पहुंच गया है।
खूब हुई नारेबाजी और शोर शराबा, तनावपूर्ण रहा माहौल
जबरदस्त हंगामे और बड़े ही तनाव पूर्ण माहौल में हुई बैठक में मत विभाजन के दौरान 49 लोगों ने लल्ला भैया के दो ही पुत्र होने की बात कही, तो वहीं 9 लोगों ने दूसरी पत्नी से भी दो पुत्र होने की पुष्टि की। इस दौरान दोनों पक्षों में आरोप प्रत्यारोप का दौर जारी रहा।
एसडीएम नेहा मिश्रा ने क्या कहा
बरगदी कोट परिवार में वारिसाना हक को लेकर उत्पन्न विवाद में उपजिलाधिकारी सुश्री नेहा मिश्रा का कहना है कि दोनों पक्षों द्वारा अपना बयान दर्ज कराया गया है। दूसरे पक्ष द्वारा कुछ और साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए समय मांगा है। अभिलेखों, साक्ष्यों व ग्रामीणों के बयान के आधार पर टीम निर्णय लेगी कि परिवार रजिस्टर में नाम दर्ज किया जाएगा या नहीं।
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