क्रिएटिव चिल्ड्रेन होम मॉन्टेसरी में अभिभावकों के साथ इंटरएक्टिव कार्यशाला
नेपालगंज/ बांके जिला | नेपालगंज उपमहानगरपालिका वार्ड नं. 12, बेलासपुर स्थित क्रिएटिव चिल्ड्रेन होम मॉन्टेसरी ने पहली बार अभिभावकों के साथ विद्यालय परिसर में इंटरएक्टिव कार्यशाला का आयोजन किया।इस कार्यशाला का उद्देश्य अभिभावकों को प्रारंभिक बाल विकास का परिचय, मॉन्टेसरी शिक्षा प्रणाली का महत्व, विद्यालय की शैक्षिक गतिविधियों की समीक्षा तथा आगामी सत्र के कार्यक्रमों की जानकारी देना था। लगभग 50 अभिभावकों और शिक्षिकाओं ने सक्रिय रूप से भाग लिया।संस्थापक रेणु शेरचन ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से प्रारंभिक बाल विकास (मां के गर्भ से 8 वर्ष तक) की अवधारणा, मॉन्टेसरी पद्धति के फायदे और अभिभावकों की भूमिका पर प्रकाश डाला। संस्थापक व प्रिंसिपल खिमा थापा ने अभिभावकों का स्वागत करते हुए चार समूहों में विभाजित कर भाषा, प्री-मैथ्स, सामाजिक तथा सृजनात्मक क्रियाकलापों का प्रदर्शन कराया। उन्होंने अभिभावक प्रकारों पर चर्चा कर बालकों के सर्वांगीण विकास पर जोर दिया।अभिभावकों ने समूह चर्चा में सूचना संप्रेषण, शिक्षकों की सक्रियता, स्वच्छता, स्वस्थ भोजन जैसी सकारात्मक बातें साझा कीं। कई अभिभावकों ने अपने बच्चों में आए परिवर्तन साझा किए—जैसे खाना खाने में सुधार, बोलने की क्षमता बढ़ना, स्वावलंबन, ऑटिज्म प्रभावित बच्चों में प्रगति।अभिभावक समीर श्रेष्ठ ने कहा, "पहले अन्य मॉन्टेसरी में कोई बदलाव नहीं आया, लेकिन यहां बच्चा स्वयं काम करना, बोलना और सम्मान करना सीख गया।" दीप्ति शर्मा ने बताया, "5 वर्षीय बेटा स्वयं सब काम करता है, जबकि 10 वर्षीय को कहना पड़ता है।" प्रतीक रेग्मी और दिलिप पांगाली ने भी खान-पान, खेलकूद और क्रियाकलापों में सुधार की सराहना की।खिमा थापा ने बताया कि 2072 में स्थापित यह संस्था "सीखने के लिए स्वस्थ शरीर, स्वस्थ शरीर के लिए खेल" नारे के साथ अभिभावक-बालक सहभागिता, स्थानीय सामग्री से शैक्षिक सामग्री निर्माण तथा पुस्तक-रहित सीख पर जोर देती है। मॉन्टेसरी एसोसिएशन बांके की पूर्व सचिव थापा ने अभिभावक-विद्यालय संबंध मजबूत बनाने पर बल दिया।


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