लगभग 8 हजार की आबादी वाले रामेश्वरपुरी वार्ड नंबर-21 के इस मोहल्ले में कहीं इंटरलॉकिंग धंसी है तो कहीं कच्चा मार्ग है। बरसात के दिनों में जलजमाव से लोगों को गंदे पानी के बीच से होकर आना जाना पड़ता है। नालियों की सफाई न होने व इन पर ढक्कन न होने से दुर्गंध उठती है। मोहल्ले की अनेक गली में कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। ऐसा लगता है कि मानो कई दिनों से सफाई ही नहीं की गई है।
शिकायत के बाद भी नहीं होती है सुनवाई
बभनगावां मोहल्ला निवासी महेंद्र श्रीवास्तव का कहना है कि सफाई कर्मियों का जब मन करता है, तभी वे आते हैं और खानापूर्ति कर चले जाते हैं। नियमित सफाई नहीं होती है। राहुल शर्मा कहते हैं कि वार्ड में सबसे बड़ी समस्या सड़क की है। हर बरसात में दिक्कत हो जाती है। कई बार वे मोहल्ले वालों के साथ इसके लिए आवाज भी उठा चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
अमित सत्संगी ने कहा कि चुनाव आने पर लोग बड़े-बड़े वादे करते हैं, लेकिन बाद में सब भूल जाते हैं। वार्ड में स्वच्छता की स्थिति बदतर है। नालियों की न तो नियमित सफाई होती है, और न ही समय पर कूड़ा उठता है। जहां तक टेंपो जाता है, वहीं की सफाई होती हैं। बाकी अन्य गलियों के भीतर कूड़ों को वैसे ही छोड़ दिया जाता है।
सुभाष श्रीवास्तव ने कहा कि एक समस्या हो तो बताएं। बदहाल सफाई व्यवस्था, छिछली नालियां, जल जमाव, टूटी,क्षतिग्रस्त सड़के इस मोहल्ले की पहचान बन गई है। घरों के आसपास के गंदगी, जल जमाव बीमारी का कारण बनता है। लोगों का कहना है कि इस बार वे सोच समझ कर वोट करेंगे।
रुधौली बस्ती से अजय पांडे की रिपोर्ट
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