विशेष शासकीय अधिवक्ता पाक्सो वंदना चौधरी, अरूण कुमार श्रीवास्तव, अखिलेश दूबे, अरविंद कुमार पांडेय की टीम ने अदालत को बताया कि पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र निवासी पीड़िता के पिता ने थाना में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया था। पिता का कहना था कि 20 नवम्बर 2015 को दिन में दो बजे गांव की फूलकुमारी उसकी नाबालिग पुत्री को अपने साथ लेकर सीवान में शौच के लिए गई थी। वहां पर पहले से मौजूद गांव के वीरेन्द्र, तुलसीराम उसकी पुत्री को जबरदस्ती बाइक पर बैठाकर भगा ले गए।
तुलसीराम ने बेटी को कट्टा सटाया था और धमकी दे रहा था कि शोर करोगी तो जान से मार देंगे। दोनों बेटी को रुधौली बाजार स्थित अपने मित्र के कमरे में ले गए और गलत काम किया। दूसरे दिन मनौरी चौराहा पर लाकर छोड़ दिया। पीड़िता ने घर आकर घटना की जानकारी दी। पुलिस ने विवेचना के उपरांत आरोपियों के विरूद्ध आरोप पत्र कोर्ट में प्रस्तुत किया था। न्यायाधीश ने साक्ष्य के आधार पर तीनों को दोषी मानते हुए कारावास व अर्थदंड की सजा सुनाई गई।
रुधौली बस्ती से अजय पांडे की रिपोर्ट
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