लखनऊ - काग्रेस के कद्दावर नेता,सादगी व ईमानदारी के पर्याय,पूर्व गृहमंत्री पंडित रामकृष्ण द्विवेदी (88) का शुक्रवार को लखनऊ के मेदांता अस्पताल में सुबह 4.26 पर निधन हो गया। पंडित रामकृष्ण द्विवेदी जी के निधन से सैद्धान्तिक राजनीति को बड़ा नुकसान बताया जा रहा है ।
अपनी सहज कार्यशैली व सादगी की बदौलत उन्होंने 1971 के उपचुनाव में गोरखपुर के मनीराम क्षेत्र से तत्कालीन मुख्यमंत्री त्रिभुवन नारायण सिंह को हराया और व अपनी मजबूत राजनीतिक पारी की शुरुआत की। पण्डित जी उन दिनों इंदिरा गाँधी के बहुत करीबी लोगो में माने जाते थे,इंदिरा गांधी के समय मे वह कांग्रेस यूथ बिंग के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी बनाये गये। तभी से वह पार्टी में लगातार सक्रिय रहकर कई महत्वपूर्ण भूमिकाओं में रहे।आजीवन कांग्रेस में रहकर उन्होंने अपने समर्थकों व कार्यकर्ताओं से भाई व पुत्र जैसा व्यवहार किया। राजनीति में आने के पहले उन्होंने अपने सामाजिक जीवन की शुरुआत पत्रकारिता जगत से जुड़कर की। उनके निधन की सूचना से पार्टी कार्यकर्ताओं व उनके शुभचिंतकों में शोक व्याप्त है। इस दुःख की घड़ी में अवधेश सिंह,सीपी भारतीय,ब्रजेन्द्र कुमार सिंह, निशांत सिंह विशेन,संगमलाल शिल्पकार, ध्रुव कुमार तिवारी, सतीश श्रीवास्तव सहित अन्य कई लोगों ने उन्हें अपनी भावपूर्ण श्रधांजलि अर्पित की।


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