गोण्डा - मुख्य अतिथि *मण्डलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल द्वारा जिला पंचायत सभागार, गोंडा में पशुपालन विभाग द्वारा आयोजित मण्डल स्तरीय एक दिवसीय "पोल्ट्री कान्क्लेव/कुक्कुट निवेश मेला" का आयोजन किया गया। मेले का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर किया गया।
इस अवसर पर मण्डलायुक्त ने कहा कि कुक्कुट व्यवसाय केवल पालन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक लाभदायक व्यवसाय और रोजगार का बड़ा स्रोत है।
कुक्कुट क्षेत्र की स्थिति और अवसर
देश में कुक्कुट उद्योग तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन उत्तर प्रदेश में अभी भी अंडे और कुक्कुट की मांग के मुकाबले आपूर्ति का अंतर है। इसका अर्थ है कि इस क्षेत्र में अवसर बहुत अधिक हैं।
उत्तर प्रदेश सरकार का सहयोग एवं वित्तीय सहायता
राज्य सरकार ने *कुक्कुट पालन विकास नीति* के तहत *1,500 करोड़ रुपये* के निवेश और *1.25 लाख* नए रोजगार का लक्ष्य रखा है। उद्यमियों को दी जाने वाली प्रमुख सुविधाएं:
1. ब्याज अनुदान: 5 वर्षों तक ऋण पर 7 प्रतिशत तक ब्याज अनुदान। AHIDF के तहत अतिरिक्त 3 प्रतिशत ब्याज अनुदान।
2. ऋण सुविधा: परियोजना लागत का 70 प्रतिशत तक बैंक ऋण। उद्यमी को केवल 30 प्रतिशत मार्जिन मनी लगानी होगी।
3. स्टांप शुल्क: जमीन खरीदने या लीज पर लेने पर 100 प्रतिशत स्टांप शुल्क में छूट।
4. बिजली शुल्क:कुक्कुट इकाई को अगले 10 वर्षों तक विद्युत शुल्क में 100 प्रतिशत छूट।
5. पूंजीगत अनुदान: राष्ट्रीय पशुधन मिशन के तहत हैचरी और फीड प्लांट लगाने पर 50 प्रतिशत तक पूंजीगत अनुदान।
6. ऑनलाइन प्रक्रिया: स्वीकृतियों के लिए *कुक्कुट निवेश पोर्टल* के माध्यम से पारदर्शी व्यवस्था।
7. KCC: किसान भाइयों को कार्यशील पूंजी के लिए किसान क्रेडिट कार्ड से जोड़ा जा रहा है।
देवीपाटन मण्डल में संभावनाएं
देवीपाटन मण्डल के चारों जिले - *गोंडा, बहराइच, बलरामपुर और श्रावस्ती* कृषि प्रधान क्षेत्र हैं। यहां धान, गेहूं और विशेषकर *मक्का* का अच्छा उत्पादन होता है, जो कुक्कुट आहार का प्रमुख घटक है। इसलिए आहार सामग्री स्थानीय स्तर पर उपलब्ध है। हमारे पास क्षेत्र, मानव संसाधन और प्राकृतिक संसाधन हैं जो हमारी बड़ी ताकत हैं।
पूरा पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने पर बल
मण्डलायुक्त ने कहा कि हमें केवल फार्म लगाने तक सीमित नहीं रहना है। *चारा मिल, हैचरी, ब्रॉयलर/लेयर फार्म, ग्रेडिंग, प्रसंस्करण, पैकेजिंग, कोल्ड चेन, परिवहन और विपणन* - पूरे तंत्र को विकसित करना होगा। इससे मण्डल में हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
तीन मुख्य फोकस क्षेत्र
1. जैव-सुरक्षा: पोल्ट्री बीमारियों की रोकथाम सर्वोच्च प्राथमिकता।
2. स्थानीय चारा उत्पादन: मक्का उपलब्ध होने से चारे की लागत कम करने का अवसर।
3. बाजार एवं ब्रांडिंग: प्रसंस्करण और ब्रांडिंग पर काम कर किसानों को बेहतर दाम दिलाना।
मण्डलायुक्त ने सभी उद्यमियों और किसानों से सम्मेलन का लाभ उठाने, योजनाओं की जानकारी लेने, बैंकों से सहायता लेने और सुझाव देने का आग्रह किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सभी के सहयोग से देवीपाटन मण्डल शीघ्र ही उत्तर प्रदेश का अग्रणी कुक्कुट केंद्र बनेगा।
इस अवसर पर जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन मुख्य विकास अधिकारी सहित मण्डल स्तरीय अधिकारी एवं बड़ी संख्या में उद्यमी, किसान उपस्थित रहे।
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