लखनऊ - लखनऊ में कोचिंग सेंटर अग्निकांड मामले बड़ा खुलासा सामने आया, जहां जिम्मेदारों की लापरवाही से 18 होनहारों का जीवन समाप्त हो गया।
आग लगने के बाद लोग फोन करते रहे, लेकिन समय से फायर बिग्रेड की गाड़ी नहीं आई, करीब 40 मिनट बाद दमकल की पहली गाड़ी पहुंची। फोन के बाद एंबुलेंस के भी काफी देर से पहुंचने से घायलों को समय से इलाज नहीं मिला। जिम्मेदारों की लापरवाही से 18 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, इतना ही नहीं बल्कि सिस्टम की और भी खामियां उजागर हुई हैं,2016 में बिल्डिंग के ध्वस्तीकरण के आदेश थे,लेकिन 2 माह में ही एलडीए ने अपना आदेश वापस ले लिया था। 20 KW का बिजली कनेक्शन था जबकि खपत 34 KW था, इस अवैध बिल्डिंग की फायर एनओसी भी नहीं थी, एलडीए, दमकल विभाग और नगर निगम की लापरवाही का नतीजा रहा कि 18 होनहारों की असमय और दर्दनाक मौत हो गई।
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