गोण्डा - दिनांक 16/02/2026 की रात्रि थाना खोड़ारे पुलिस को सूचना प्राप्त हुई कि थाना क्षेत्रांतर्गत ग्राम ढढुआ कुतुबजोत के चार नाबालिग बच्चे (उम्र लगभग 6 वर्ष से 10 वर्ष) गाँव के बाहर खेलते समय घर वापस नहीं लौटे। सूचना प्राप्त होते ही थाना खोड़ारे में सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर तत्काल खोजबीन प्रारंभ की गई। उक्त प्रकरण को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक गोण्डा विनीत जायसवाल के द्वारा पुलिस की कई टीमों का गठन कर परिजनों के साथ पूरी रात सघन तलाश अभियान चलाया गया। कुछ ग्रामीणों द्वारा आशंका व्यक्त की गई कि मंदिर के समीप स्थित तालाब के पास बच्चे खेल रहे थे। उक्त सूचना पर देर रात्रि ही एसडीआरएफ टीम को मौके पर बुलाया गया। एसडीआरएफ टीम द्वारा पंपिंग सेट की सहायता से तालाब का पानी काफी हद तक खाली कराया गया तथा पूरी रात सर्च अभियान चलाया गया। सौभाग्यवश बच्चे तालाब में नहीं पाए गए।
प्रातःकाल पुलिस टीमों द्वारा पुनः व्यापक स्तर पर तलाशी अभियान चलाया गया तथा SOG टीम को भी तलाशी अभियान में लगाया गया । पुलिस अधीक्षक गोण्डा श्री विनीत जायसवाल की निगरानी में चलाए गए अभियान के दौरान चारों बच्चे गाँव के समीप सरसों के खेत में सोते हुए सकुशल पाए गए। पुलिस टीम द्वारा तत्काल उन्हें बरामद कर सीएचसी-गौरा में चिकित्सीय परीक्षण हेतु ले जाया गया, जहाँ सभी बच्चे पूर्णतः स्वस्थ पाए गए। प्रारंभिक पूछताछ में ज्ञात हुआ कि उनमें सबसे बड़ा लड़का (उम्र लगभग 10 वर्ष) किसी शरारत के कारण मां की डांट के डर से घर जाने से बचने हेतु भयवश रात्रि में घर न लौटने का सोचकर अपने साथ खेल रहे छोटे बच्चों को भी लेकर सरसों के खेत में छिप कर सो गया । पूर्व में भी उक्त बालक का डांट पड़ने पर घर से बिना बताए चले जाने का व्यवहार प्रकाश में आया है । थाना खोड़ारे पुलिस की त्वरित एवं सतत् कार्यवाही तथा वरिष्ठ अधिकारियों के कुशल नेतृत्व के फलस्वरूप चारों बच्चों को सुरक्षित बरामद कर सीएचसी गौरा में स्वास्थ्य परीक्षण के पश्चात परिजनों को सुपुर्द किया गया। बरामद बच्चों के संबंध में परिजनों की आवश्यक काउंसिलिंग भी की गई है ।
No comments:
Post a Comment