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Jan 12, 2023

जनता दल यूनाइटेड के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व केन्द्रीय मंत्री शरद यादव का गुड़गांव के फोर्टिस अस्पताल में निधन।

जनता दल यूनाइटेड के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव का निधन हो गया है। उनकी पुत्री ने इस खबर की पुष्टि करते हुए ट्विटर पर शोक संदेश लिखा है है। 75 वर्ष की उम्र में शरद यादव ने अंतिम सांस ली. बिहार की राजनीति में अपनी अलग पहचान रखने वाले शरद यादव का जाना सभी को दुखी कर गया है. उनकी समाजवाद वाली राजनीतिक छवि ने उन्हें जनता के बीच काफी लोकप्रिय बना दिया था। पंरतु उस लोकप्रिय नेता ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया है. गुरुग्राम के फोर्टिस अस्पताल में उनका निधन हुआ है।

शरद यादव की बेटी सुभाषिनी ने ट्विटर पर अपने पिता की मौत पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने लिखा है कि पापा नहीं रहे. इस महान नेता ने अपने कई दशक की राजनीति में काफी कुछ देखा है। बिहार में लालू राज के चश्मदीद रहे थे, जेडीयू को जमीन पर मजबूत किया था और कई अहम राजनीतिक घटनाओं में एक सक्रिय भूमिका निभाने वाले रहे। शरद यादव की निजी जिंदगी की बात करें तो उनका जन्म 1947 को मध्य प्रदेश के होशंगाबाद में एक गांव में हुआ था।

शरद यादव पढ़ाई के समय से ही राजनीति में दिलचस्पी रही और 1971 में  उन्होंने अपनी इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की डॉ. राम मनोहर लोहिया के विचारों से प्रेरित होकर सक्रिय युवा नेता के तौर पर शरद यादव ने कई आंदोलनों में हिस्सा लिया और इमरजेंसी में मीसाबंदी के तहत 1969-70, 1972 और 1975 में हिरासत में लिए गए।  सक्रिय राजनीति में शरद यादव ने साल 1974 में कदम रखा था। वे पहली बार मध्य प्रदेश की जबलपुर लोकसभा सीट से सांसद निर्वाचित हुए थे। इसके बाद वह राज्य सभा के लिए भी निर्वाचित हुए थे बतौर केन्द्रीय मंत्री रहते उन्होंने बहुत शानदार प्रदर्शन किया।शरद यादव का उदय उस समय हुआ था  जेपी आंदोलन का चर्चित दौर

था, हालांकि मौजूदा समय वह नीतीश कुमार से अनबन के चलते राजनितिक अज्ञातवास में थे।


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