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Oct 2, 2022

सीएम योगी ने की महानिशा पूजा, गोरखनाथ मंदिर में अगले तीन दिन होंगे ये अनुष्‍ठान

मुख्यमंत्री गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने आज की रात गोरखनाथ मंदिर के शक्ति मंदिर में महानिशा पूजा और हवन किया। गोरक्षपीठ में अगले तीन दिन यानी विजयदशमी तक कई अनुष्ठान होंगे जिनमें सीएम योगी बतौर गोरक्षपीठाधीश्‍वर शामिल रहेंगे।

कानपुर हादसे के पीड़ित परिवारों और घायलों से मिलने के बाद सीएम योगी  आज दोपहर बाद गोरखपुर पहुंचे। रात को बतौर गोरक्षपीठाधीश्‍वर उन्‍होंने यहां शक्ति मंदिर में महानिशा पूजा और हवन किया। नाथ परम्परा के मुताबिक अष्टमी तिथि को गोरखनाथ मंदिर में रात में हवन होता है। मंदिर के प्रधान पुरोहित आचार्य रामानुज त्रिपाठी ने बताया कि रविवार से ही अष्टमी तिथि लग जाएगी। नाथ परम्परा में अष्टमी की रात में ही महानिशा पूजन, शस्त्र पूजन और हवन होता है।   

          आज  की शाम 6 बजे से मॉ गौरी-भगवान गणेश की पूजा से शुरूआत हुई। परम्‍परा के मुताबिक वरुण पूजन, पीठ पूजन, यंत्र पूजन, स्थापित मॉ दुर्गा की विधिवत पूजा, भगवान राम-लक्ष्मण-सीता का षोडसोपचार पूजन, भगवान कृष्ण और गोमाता का पूजन, नवग्रह पूजन, विल्व अधिष्ठात्री देवता का पूजन, शस्त्र पूजन, द्वादस ज्योर्तिंलिंग- अर्धनारीश्वर, शिव-शक्ति पूजन, वटुक भैरव, काल भैरव, त्रिशूल पर्वत पूजन किया जाता है।

पूजन बेदी पर उगे जौ के पौधे जई को गोरक्षपीठाधीश्वर और आचार्यगण द्वारा वैदिक मंत्रों के बीच बांटा जाता है। उसके बाद हवन बेदी पर ब्रह्मा, बिष्णु, महेश और अग्नि देवता का आह्वान कर हवन शुरू होता है। हवन की क्रिया संपंन होने के बाद दुर्गा सप्तशती का पाठ होता है। इस दौरान सात्विक बलि के रूप में मुख्यमंत्री नारियल, गन्ना, केला, जायफर आदि की बलि देकर शक्ति की आराधना पूर्ण करते हैं। मान्यता है कि निशा पूजा और सात्विक पंच बलि से शारीरिक और मानसिक क्लेश दूर होते हैं। पूजन की इस पूरी प्रक्रिया में प्रधान पुरोहित के अलावा कई अन्‍य आचार्य शामिल रहे।    

            रुधौली बस्ती से अजय पांडे की रिपोर्ट

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