करनैलगंज/ गोण्डा - कोतवाली कर्नलगंज क्षेत्र के एक मोहल्ला निवासिनी दलित महिला ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। पीड़िता का कहना है कि घर में घुसकर मारपीट, जातिसूचक शब्दों का प्रयोग, कपड़े फाड़कर निर्वस्त्र करने और जान से मारने की धमकी जैसी गंभीर घटना होने के बावजूद चार दिन बीत जाने के बाद भी न तो मुकदमा दर्ज किया गया और ना ही मेडिकल परीक्षण कराया गया।
पीड़िता ने प्रभारी निरीक्षक को दिए गए प्रार्थना पत्र में कहा है कि दिनांक 5 जून 2026 की रात लगभग 10 बजे अकबर अली की पत्नी, उनकी बेटी तैयबा, शाहनाज, फुले, चांद बाबू, राजा बाबू सहित कई लोग एक राय होकर जबरन उनके घर में घुस आए और गाली-गलौज करने लगे। विरोध करने पर आरोपियों ने जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए उनके साथ तथा उनकी पुत्री के साथ मारपीट की। पीड़िता का आरोप है कि इसके बाद आरोपियों ने उनकी पुत्री को घर से बाहर घसीट लिया तथा उसके कपड़े फाड़कर निर्वस्त्र कर दिया। साथ ही पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी भी दी गई। घटना के बाद परिवार भय और दहशत मे है। पीड़िता ने बताया कि घटना के तुरंत बाद कोतवाली कर्नलगंज में लिखित शिकायत दी गई, लेकिन आज तक न तो एफआईआर दर्ज की गई और न ही मेडिकल परीक्षण कराया गया। आरोप है कि पुलिस लगातार पीड़िता को कस्बा चौकी और कोतवाली के चक्कर लगवा रही है और सुलह समझौता करने का नाजायज दबाव बना रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मामला दलित उत्पीड़न एवं महिला सम्मान से जुड़ा होने के कारण पुलिस को तत्काल मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई करनी चाहिए थी।
No comments:
Post a Comment