Feb 27, 2026

गोंडा में लिखी जा रही महिला सशक्तिकरण की नई इबारत: 'ज्ञान आवास', 'गोनार्द मार्ट' और 'ज्ञानोदय' से ग्रामीण अर्थव्यवस्था व शिक्षा को मिलेगी नई उड़ान


अब विकास की नई दिशा स्पष्ट है- ग्रामीण आँगन बनेंगे रोजगार का केंद्र, और बेटियां बनेंगी तकनीकी युग की सूत्रधार

गोण्डा - जनपद गोंडा की ग्रामीण पगडंडियों से अब आर्थिक आजादी, महिला सशक्तिकरण और आधुनिक शिक्षा की एक नई और दूरदर्शी इबारत लिखी जा रही है। जिलाधिकारी श्रीमती प्रियंका निरंजन के कुशल निर्देशन और मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) श्रीमती अंकिता जैन की अभिनव पहल पर जिले में महिला व बालिका विकास को केंद्र में रखकर एक व्यापक अभियान का शंखनाद किया जा रहा है।

आवास, पंचायत, स्वयं सहायता समूहों (NRLM) और शिक्षा विभाग को एक सूत्र में पिरोते हुए महिलाओं के लिए स्थायी आय के अवसर और बालिकाओं के लिए आधुनिक शिक्षा के द्वार खोले जा रहे हैं। इसका स्पष्ट उद्देश्य है— ग्रामीण मातृशक्ति और बेटियों को विकास की 'सक्रिय भागीदार' और 'सक्षम नेतृत्वकर्ता' बनाना।

*1. ‘गोंडा ज्ञान आवास’ मॉडल: जहाँ शिक्षा और स्वावलंबन का हो रहा अनूठा संगम*
ब्लॉक परिसरों में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत निर्मित 'मॉडल आवासों' को अब “ज्ञान आवास” की प्रेरणादायक थीम पर विकसित किया जा रहा है।

- ज्ञान कक्ष (पुस्तकालय): एक कक्ष को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए निःशुल्क वाचनालय के रूप में विकसित किया जा रहा है।
- प्रेरणा कक्ष / अरगा मार्ट: दूसरा कक्ष महिलाओं के लिए आय सृजन का केंद्र बनेगा। यहाँ से महिलाएं चाय-नाश्ता और स्थानीय उत्पादों की बिक्री कर सकेंगी, जिससे उनके भीतर छिपी उद्यमशीलता निखरेगी।

2. 101 ग्राम पंचायतों में ‘गोनार्द मार्ट’: गाँव-गाँव गूंजेगी महिला उद्यमिता की जयकार*
ज़मीनी स्तर पर महिलाओं को मजबूत करने के लिए 101 ग्राम पंचायतों के सामुदायिक शौचालय परिसरों में 'गोनार्द स्वच्छता मार्ट' स्थापित किए जा रहे हैं।

- संचालन एवं नियमित आय: इन दुकानों का संचालन स्वयं सहायता समूहों की 'लखपति दीदियाँ' करेंगी, जहाँ वे दैनिक उपयोग और स्वच्छता सामग्री बेचेंगी। मार्ट संचालन और शौचालयों के रखरखाव के बदले प्रत्येक समूह को ₹6,000 प्रतिमाह का मानदेय मिलेगा, जो पंचायत स्तर पर लघु व्यापार को बढ़ावा देगा।

3. ‘गोंडा ज्ञानोदय: सोच से शिक्षा’: कस्तूरबा विद्यालयों में तकनीकी शिक्षा की नई भोर*
ग्रामीण बालिकाओं को 21वीं सदी की तकनीकी क्रांति से जोड़ने के लिए "गोंडा ज्ञानोदय" पहल की शुरुआत की जा रही है।

- आधुनिक एआई (AI) लैब्स: जिले के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (KGBV) की कंप्यूटर लैब को पूरी तरह से आधुनिक रूप देते हुए उन्हें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) और स्टेम (STEM) किट से सुसज्जित किया जा रहा है। अब गोंडा की बेटियां भी तकनीकी शिक्षा में किसी से पीछे नहीं रहेंगी।

महज योजना नहीं, स्थायी बदलाव की एक दूरदर्शी रणनीति
सीडीओ श्रीमती अंकिता जैन की यह रणनीति केवल योजनाओं के क्रियान्वयन तक सीमित नहीं है। स्वयं सहायता समूहों को उद्यम संचालन और उत्पाद विपणन (Marketing) का व्यवस्थित प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि यह जमीनी सफलता का एक स्थायी मॉडल बने।

8 मार्च को माननीय जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में होगा भव्य शुभारंभ
आगामी 8 मार्च, 2026 को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के ऐतिहासिक अवसर पर, जिले के माननीय जनप्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति और जिलाधिकारी श्रीमती प्रियंका निरंजन के नेतृत्व में इन तीनों (गोंडा  ज्ञान आवास, गोनार्द मार्ट और गोंडा ज्ञानोदय) महत्वाकांक्षी पहलों का भव्य शुभारंभ किया जाएगा। यह दिन गोंडा जिले में महिला एवं बालिका सशक्तिकरण की एक नई सुबह का प्रतीक बनेगा।

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