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Oct 17, 2022

नवनिर्माणाधीन राजकीय मेडिकल कालेज में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन

गोण्डा - उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशानुसार एवं जनपद न्यायाधीश महोदय श्री रविन्द्र कुमार-। के आदेष के अनुपालन में तहसील सदर गोण्डा अन्तर्गत नवनिर्माणाधीन राजकीय मेडिकल कालेज में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन श्री विश्व जीत सिंह सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण गोण्डा की अध्यक्षता में किया गया। 
            सचिव श्री सिंह द्वारा विधिक साक्षरता षिविर में उपस्थित श्रमिकों को सम्बोधित करते हुए बताया गया कि श्रमिक समाज के विशिष्ट समूह होते हैं। इस कारण श्रमिकों के लिए बनाये गये विधान, एक सामाजिक विधान की अलग श्रेणी में आते हैं। श्रम विधानों की व्यापकता और उनके बढ़ते हुए महत्व को ध्यान में रखते हुए उन्हें एक अलग श्रेणी में रखा जाना उपयुक्त समझा जाता है। श्रमिक जो असंगठित श्रमिकों की श्रेणी में आते हैं, को जोखिम पूर्ण परिस्थितियों में कार्य करने, अस्थायी एवं अनियमित रोजगार, अनिश्चित कार्य अवधि, मूलभूत तथा कल्याण सुविधाओं आदि के अभाव के कारण इनकी स्थिति अत्यन्त कमजोर एवं दयनीय होती है। पर्याप्त कानूनी प्रावधानों के कारण कर्मकारों की सही जानकारी हासिल करना, जिम्मेदारी निर्धारित करना एवं सुधारात्मक उपाय अमल में लाने हेतु कर्मकारों की सुरक्षा, कल्याण एवं अन्य सेवा शर्तों को सुव्यवस्थित करने के उद्देश्य से अधिनियमों का सृजन किया गया है। इसके अतिरिक्त श्रम प्रवर्तन अधिकारी श्री योगेश दीक्षित द्वारा उ0प्र0 भवन एंव सन्निर्माण कल्याण बोर्ड द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं को शामिल किया गया है, जिसमें श्रमिक पंजीयन कर कार्ड प्राप्त कर सकते हैं तथा बोर्ड द्वारा संचािलत विभिन्न योजनाओं का लाभ ले सकते हैं। अपरिहार्य कारण से यदि श्रमिक की मृत्यु हो जाती है, तो उसका लाभ उसके परिवारजन को मिलता है। श्रमिक के बेटियों के विवाह हेतु अनुदान, पढायी-लिखायी हेतु अनुदान, पेंशन, बीमा आदि का लाभ श्रमिकों एवं उनके आश्रितों को दिया जाता है। यह योजना केवल उ0प्र0 शासन द्वारा संचालित किया जाता है। साथ ही श्रमिकों के हित में भारत सरकार द्वारा श्रम पोर्टल के माध्यम से ई श्रम कार्ड बनाया जा रहा है, जिस पर बीमा भी किया जाता है। इस अवसर पर तहसीलदार सदर परशुराम, सुमन श्रम प्रवर्तन अधिकारी योगेश दीक्षित आदि श्रमिकगण उपस्थित रहे।
इसी प्रकार आज ही वृद्ध आश्रम, गोण्डा में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण गोण्डा के सचिव विष्व जीत सिंह की अध्यक्षता में किया गया। विधिक साक्षरता षिविर में सचिव द्वारा जानकारी देते हुए यह बताया गया कि भारत एक ऐसा देष है, जहां वृद्धजनों के पैर छूकर उन्हें सम्मान दिया जाता है तथा भगवान के समतुल्य माना जाता है। प्रत्येक व्यक्ति को जीवन में वृद्धावस्था के चरण से गुजरना पड़ता है। परिवार में वृद्धजनों की उपस्थिति एवं मार्गदर्षन, परिवार एवं समाज दोनों के लिए कल्याणकारी होती है, परन्तु कुछ परिवार में आज भी बुजुर्गों के साथ सम्मानजनक व्यवहार नहीं किया जाता है। वृद्धजनों के विधिक अधिकार के सम्बन्ध में सचिव द्वारा दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 125 पर विषेष बल देते हुए यह बताया गया कि यदि पर्याप्त साधनों वाला कोई व्यक्ति अपने पिता या माता का, जो अपना भरण-पोषण करने में असमर्थ है, भरण पोषण करने में उपेक्षा करता है या भरण पोषण करने से इन्कार करता है, तो प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट, ऐसी उपेक्षा साबित हो जाने पर ऐसे व्यक्ति को पिता या माता का भरण पोषण करने के लिए मासिक भत्ता देने के सम्बन्ध में निर्देश दे सकते हैं। इसके अतिरिक्त सचिव द्वारा उच्चतम न्यायालय एवं माननीय उच्च न्यायालय के विधि-व्यवस्था, सरकारी नीतियों एवं निःशुल्क विधिक सहायता प्राप्त करने की विस्तृत जानकारी दी गयी। वृद्ध आश्रम, गोण्डा के प्रबन्धक राजेश श्रीवास्तव द्वारा बताया गया कि आज कुल 72 वृद्ध, वृद्धाश्रम में हैं, जिसमें 42 पुरूष एवं 30 महिला हैं। सचिव द्वारा वृद्ध आश्रम, गोण्डा के प्रबन्धक राजेश कुमार श्रीवास्तव को प्रवास कर रहे वरिष्ठ नागरिकों के आश्रय एवं भण्डार/पाक गृह के साफ-सफाई हेतु आवश्यक निर्देश दिया गया। इस अवसर पर वृद्ध आश्रम के लेखाकार कुवंर शर्मा, योगेश प्रताप सिंह, सेवाकर्ता संतोष, अमर दीक्षित, आंेकार सिंह, पूनम सहित राजविन्द्र, कचंन, पप्पी आदि उपस्थित रहे।

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